करतारपुर कॉरिडोर से मिट्टी लेकर वतन लौटी हरसिमरत कौर , गुरुद्वारे में धोएं बर्तन

करतारपुर गुरुद्वारे में आयोजित लंगर में आम लोगों के साथ बैठकर प्रसाद लिया

नई दिल्ली। पाकिस्तान में बुधवार को करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया गया. इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल करतारपुर से मिट्टी लेकर घर लौटी हैं.

हरसिमरत कौर ने करतारपुर गुरुद्वारे में आयोजित लंगर में आम लोगों के साथ बैठकर प्रसाद लिया. उन्होंने कॉरिडोर खुलने के फैसले को गुरु नानक देव का चमत्कार बताया और दोनों मुल्कों की सरकारों का आभार जताया.

केंद्रीय मंत्री ने यहां गुरुद्वारे में अरदास की और उसके बाद झूठे बर्तन धोकर सेवा भी की.

सिखों के पहले गुरु और पंथ के संस्थापक नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष करतारपुर में ही गुजारे थे.

पाकिस्तान में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल होने गईं कौर वहां करतारपुर गुरुद्वारे से अपने पति और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के लिए फूलों का प्रसाद और चपातियां भी लेकर आई हैं.

केंद्रीय मंत्री पाकिस्तान में गुरुद्वारे के दर्शन के लिए जाते वक्त भावुक भी हो गईं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हमें कोई बुलावा देने वाला नहीं फिर भी नानक देव की कृपा से हमें यह मौका मिल रहा है. कौर ने कहा कि सिख समुदाय के लिए यह काफी भावुक क्षण हैं जब उनकी मनोकामना पूरी हो गई है.

भारत में भी 26 नवंबर को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस कॉरिडोर का शिलान्यास किया था. इसके बाद पाकिस्तान के बुलावे पर दोनों केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में पाकिस्तान सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

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