रायपुर में नाले से बहने वाला अपशिष्ट खारून नदी में मिलने से रोका जाए : न्यायमूर्ति मिश्रा

रेल्वे द्वारा कचरे के निष्पादन पर ढीला रवैया अपनाए जाने पर जताई नाराजगी

रायपुर : राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एन.जी.टी.), नई दिल्ली के निर्देश पर नगरीय ठोस अपशिष्ट नियम, 2016 के क्रियान्वयन के लिए बनी राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक आज नवीन विश्राम गृह में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) धीरेन्द्र मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि रेल्वे प्रबंधन अपने संबंधित आवासीय कॉलोनियों से निकलने वाले कचरे के निपटान के लिए कार्य योजना तत्काल बनाएं एवं उसे समिति की अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए। समिति ने रेल्वे प्रशासन द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की एवं निगम प्रशासन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रायपुर में नालों से बहने वाले अपशिष्ट को खारून नदी में मिलने से रोका जाए। इसके लिए समय-सीमा के भीतर एस.टी.पी. (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित करें, इससे नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

मिश्रा ने कहा कि रेल्वे के आवासीय कॉलोनी के कचरों के निष्पादन के विषय में रेल्वे प्रबंधन द्वारा ढीला-ढाला रवैया अपनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। बड़ी संस्थाएं विशेषकर शासकीय संस्थान जैसे रेल्वे अपनी जिम्मेदारियों का ठीक तरह से निर्वहन करेंगी, तभी वे दूसरों के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत कर पाएंगी।

बैठक में पर्यावरण को नुकसान पहुंचानी वाली संस्थाओं के विरूद्ध पर्यावरणीय जुर्माने पर भी चर्चा की गई एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को शीघ्र ही इस दिशा में कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। जीव चिकित्सा (मेडिकल वेस्ट) अपशिष्ट प्रबंधन पर चर्चा के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश के सभी बड़े शहरों में सुनिश्चित दूरी पर बायोमेडिकल वेस्ट के निष्पादन के लिए संयुक्त उपचार सुविधा शीघ्र विकसित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित संस्थाएं यह सुनिश्चित करें कि किसी भी परिस्थिति में नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं मेडिकल वेस्ट को मिलाया न जाए। दोनों का पृथक-पृथक नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रदूषण की स्थिति रोकी जा सके।

बैठक में भिलाई नगर निगम द्वारा ठोस कचरे के निष्पादन के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि समिति भिलाई नगर निगम के कार्यों को देखने के लिए शीघ्र ही उस स्थान का दौरा करेंगी।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव आर.पी तिवारी ने कहा कि इस समिति का गठन अपशिष्ट प्रबंधन 2016 के सुदृढ़ीकरण के लिए किया गया है। सभी संस्थाएं समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से समय-सीमा के भीतर पालन करें।

उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक उपक्रम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कार्य योजना बनाकर पालन करें। बैठक में नगर निगम रायपुर, भिलाई, नगरीय निकाय पाटन, कसडोल, कवर्धा, सार्वजनिक उपक्रम एसईसीएल के अधिकारियों ने संबंधित आवासीय कॉलोनियों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर किए जा रहे उपायों की प्रस्तुतिकरण दी। बैठक में विशेष सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग संगीता पी., केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.पी. मिश्रा उपस्थित थे।

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