जल संकट: पंजाब में सिर्फ 25 प्रतिशत पानी बचा

होशियारपुर (अश्विनी): पंजाब में 75 प्रतिशत पानी समाप्त हो चुका है। शेष बचे 25 प्रतिशत पानी में से मात्र 18 प्रतिशत ही पीने योग्य है। यह जानकारी देते हुए एन.जी.ओ. सफल गुरु परम्परा के कन्वीनर वीर प्रताप राणा ने आज यहां कहा कि केंद्रीय जल रिसोर्सिज विभाग के सचिव ने यह बात मानी है कि देश इस समय पानी के मामले में सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार देश के 91 प्रमुख जल भंडारों में सिर्फ 29 प्रतिशत पानी ही बचा है। राणा ने कहा कि पंजाब में हर वर्ष अढ़ाई फुट पानी नीचे जा रहा है। समस्त भारत में पंजाब सहित केवल पानी का संकट आने वाला ही नहीं बल्कि आ चुका है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन सरकार को 15-20 वर्षों से इस संकट के बारे में सतर्क कर रहे थे लेकिन सरकार ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे के कारण सैंकड़ों मौतें हो चुकी हैं। जल के अभाव में असंख्य पशु पक्षी तड़प-तड़प मौत का ग्रास बन चुके हैं। इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी अफ्रीका के शहर कैपटाऊन में पानी की रक्षा के लिए एक सेना खड़ी करनी पड़ी थी। अगर अब भी सरकार न जागी तो पंजाब का हाल भी कैपटाऊन व महाराष्ट्र के शहर लातूर जैसा होगा। पंजाब में 12 लाख ट्यूबवैल चल रहे हैं। निकट भविष्य में सवा लाख और ट्यूबवैल कनैक्शन मिलने के बाद धान के इस सीजन में चलने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बोतल बंद पानी पीने वाले हमारे राजनीतिक नेता अभी भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे।

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