कसडोल एवं बिलाईगढ़ विधानसभा में परिवर्तन की लहर

-राहुल गांधी की कर्जमाफी एवं बिजली बिल हाफ की घोषणा का हो रहा व्यापक असर

योगेश केशरवानी

भटगांव :

विधानसभा चुनाव के प्रचार प्रसार का दौर समाप्त होने के बाद अब सभी प्रत्याशी और उनके समर्थक अब घर घर दस्तक देकर मतदाताओं को रिझाने के प्रयास कर रहे हैं । कसडोल एवं बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में राहुल गांधी के कर्जामाफी के नारे का असर दिखाई पड़ रहा है क्योंकि धान खरीदी केन्द्रों में धान की आवक नहीं के बराबर है ।

कसडोल एवं बिलाईगढ़ के भाजपा प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों में सत्ता एवं धनबल के घमण्ड में अति आत्मविश्वास है तो दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मन मे संघर्ष का जोश है तो साथ ही आम जनता प्रत्याशियों को चंदा दे रहे हैं ।एक बात तो है कसडोल विधानसभा क्षेत्र के लोग हमेशा की तरह इस बार फिर नया इतिहास गढ़ने के राह पर हैं ,इस चुनाव में जीत चाहे जिसकी भी हो इतिहास के पन्नों पर दर्ज होना स्वाभाविक है , इसके कर्णधार होंगे कसडोल क्षेत्र के आम मतदाता ।

वर्ष 1952 के प्रथम आम चुनाव से ही कसडोल क्षेत्र की जनता इतिहास लिखते आ रही है ,इसी क्षेत्र के आम मतदाताओं ने 1952 में अविभाजित म प्र में राजनीति के पितृपुरूष कहे जाने वाले पंडित रविशंकर शुक्ला को विधायक निर्वाचित किया था तो वर्ष 1963 में म प्र की राजनीति के लौह पुरुष कहे जाने वाले पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र को भी विधायक निर्वाचित किया था।

उसके बाद कमोबेश एक दो चुनाव को छोड़ दिया जाए तो वर्ष 1998 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का गौरव स्व डॉ कन्हैयालाल शर्मा को प्राप्त हुआ ।उनके विधायकी एवं मंत्रित्व काल में क्षेत्र ने अविभाजित म प्र में अपने आपको सर्वाधिक विकाशशील क्षेत्र की श्रेणी में ला खड़ा किया ।

ये वही कसडोल क्षेत्र के आम मतदाता हैं जो वर्ष 1998 के चुनाव में क्षेत्र के मशीहा एवं इतिहास पुरूष कहे जाने वाले डॉ कन्हैयालाल शर्मा को क्षेत्र के आम जनता के बीच अनजाने व्यक्ति गौरीशंकर अग्रवाल के हाथों पराजय का स्वाद चखना पड़ा , उस समय डॉ शर्मा एवं उनके समर्थकों को जरा भी भान नहीं हुआ कि एक अनजाना शख्स कैसे उसे पराजित कर सकता है लेकिन आम जनता का मूड ही कुछ और था।

ठीक इसी प्रकार डॉ शर्मा के पदचिन्हों पर चलकर क्षेत्र सेवा के विकास एवं आम जनता की सेवा में तत्पर रहने वाले राजकमल सिंघानिया का भी वही हाल हुआ क्षेत्र में कराए विकास कार्यों की बदौलत क्षेत्रवासी उन्हें पुनः चुनेंगे ऐसा उनको अति आत्मविश्वास हो गया था।

ठीक यही स्थिति आज भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर अग्रवाल और उनके समर्थकों की है।भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों को इस बात का घमण्ड है कि उनके पास सत्ता है ,प्रशासन है ,और मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए तरह तरह के सामग्री है लेकिन उन्हें नहीं मालूम संसाधन विहीन कांग्रेस प्रत्याशी को आम लोगों द्वारा रुपये पैसे की चंदा देकर निःस्वार्थ भाव से उनका काम कर रहे हैं इससे आम लोगों में उसके प्रति रूझान दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है दूसरे तरफ 15 साल से सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा की आम कार्यकर्ताओं की कभी पूछ परख नहीं की जाती केवल 5 साल में आम मतदाताओं की तरह चुनाव के समय उन्हें याद किया जाता है इससे आम कार्यकर्ताओं में घोर नाराजगी है जिसे चुनाव प्रबंधन कर रहे लोग समय रहते नहीं साध पाए इसका भी खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में आयोजित सभा में कर्जा – माफी और बिजली बिल आधा किए जाने की घोषणा से आम लोगों में परिवर्तन की लहर दौड़ गई है, जिसका साक्षात प्रमाण धान खरीदी केन्द्रों में अब तक धान नहीं जाना है।

क्षेत्रीय दौरे के समय किसानों का स्पष्ट कथन था कि पहले सरकार बनाएंगे और कर्जमाफी की घोषणा के बाद ही धान बेचेंगे ।वैसे भी पूरे राज्य में इस बार सत्ता परिवर्तन की बात चल रही थी ऐसे समय में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कर्जमाफी की घोषणा कर किसानों को लुभाने का काम किया है ।

यदि इस बार के चुनाव में भी आम मतदाताओं का रूझान धनबल और सत्ताबल को पटखनी दे दे तो कोई अतिशंयोक्ति नहीं होगी और ये प्रकृति के नियम के अनुकूल भी है क्योंकि ” परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है ” ।चाहे इस चुनाव में जिस जिसकी भी हो इतिहास तो बनेगा ही क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के अलावा कोई भी दूसरा दल दोबारा नहीं जीत पाया है।

यदि भाजपा के गौरीशंकर अग्रवाल चुनाव जीतते हैं तो यह रिकॉर्ड तो टूटेगा ही साथ ही विधानसभा अध्यक्ष रहे व्यक्ति चुनाव नहीं जीतते यह मिथक भी टूट जाएगा ,यदि कांग्रेस की शकुंतला साहू जीतती है तो इतिहास और भी बड़ा बन जाएगा क्योंकि वे क्षेत्रवासियों के लिए पूरी तरह अनजान हैं और धनबल में उनके सामने काफी बौनी भी है।

इन सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस पार्टी ने इतिहास में पहली बार सामान्य वर्ग को छोड़कर किसी अन्य और वो भी महिला को चुनाव मैदान में उतारा है ,कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि कसडोल क्षेत्र के आम मतदाता एक बार फिर नए इतिहास लिखने वाले हैं ।

बात बिलाईगढ़ की करें तो वहाँ पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के चन्द्रदेव रॉय एवं बसपा के श्याम टण्डन के बीच दिखाई दे रहा है दोनों में कांटे की टक्कर है उधर भाजपा के वर्तमान विधायक डॉ सनम जांगड़े एवं भाजपा के बागी भोजराम अजगले तीसरे चौथे स्थान के लिए कड़ी संघर्ष कर रहे हैं ।इससे साफ जाहिर होता है कि कसडोल एवं बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में इस बार सत्ता विरोधी लहर सिर चढ़कर बोल रहा है ।

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