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हम तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते-सांसद सरोज पांडेय

नई दिल्‍ली : नागरिकता बिल को लेकर विपक्ष के हमलों पर मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने पलटवार करते हुए जवाब दिया कि हमारी सरकार तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती अगर हमारी सरकारी ऐसा कर रही होती तो सदन में विपक्ष के नेता हमसे सबूत नहीं मांगते.

सरोज पांडे ने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की संख्या के आंकड़ों का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23% से घटकर 3.7% हो गई और बांग्लादेश में 22% से 7.8% हो गई जबकि भारत में अल्पसंख्यकों की संख्या 9.8% से बढ़कर 14% हुई और हिन्दूओ की 84% से घटकर 79% रह गई.

ये आंकड़े इस बात को प्रतिपादित करते हैं कि जब हम कहीं अल्पसंख्यक के तौर पर रहते हैं तो हमें भी वहां की मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए होती हैं.

जब किसी देश में अल्पसंख्यकों की बेटियां तक सुरक्षित न हों उन्हें वहां की मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़े तो ऐसे देश से शरणार्थियों का पलायन कर जाना ही बेहतर होता है.

सरोज पांडे ने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस सदन में आपके माध्यम से अभिनंदन करते हुए इस बिल के लागू करने के निर्णय का स्वागत किया. उन्होंने पीडीपी सांसद मीर मोहम्मद फैयाज का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्षी दल के नेता हमसे सबूत मांगते हैं तो काफी पीड़ा होती है. भारत देश में हमेशा से शरणार्थियों की रक्षा की गई है.

पीएम मोदी और गृहमंत्री अमितशाह के नेतृत्व में भारत सरकार संविधान को संरक्षित करने के लिए सबका साथ सबका विकास की राह पर आगे बढ़ रही है.

आपको बता दें कि पीडीपी सांसद मीर मोहम्मद फैयाज ने राज्य सभा में नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि आज महसूस हुआ पुरखों ने भारत के साथ आकर गलती की थी. पीडीपी सांसद मीर मोहम्मद फैयाज ने कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से अब कोई मुसलमान इस देश में नहीं आएगा.

पीडीपी सांसद ने कहा था कि जिन लोगों को बिल के तहत नागरिकता दी जा रही है, हम उसका विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन मुसलमानों को बाहर निकालने का विरोध करते हैं. हमारे पुरखों ने पाकिस्तान के साथ ना जाकर हिंदुस्तान के साथ आने का निर्णय लिया था लेकिन अब मुझे लगता है कि हमारे पुरखों ने गलती की थी.

सरोज पांडे ने प्रियंका गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि, विपक्षी दल के प्रमुख महिला नेत्री ने ट्वीट किया जिस पर मुझे आश्चर्य है उन्होंने कहा कि ये कट्टरता की पराकाष्ठा है. मैं उनसे पूछना चाहती हूं तब वो क्यों चुप रह गई जब 400 से ज्यादा सीटों के साथ शाहबानो प्रकरण पर अदालत के फैसले को पलट दिया गया था तब उनका परिवार शांत क्यों था.

आज ये बिल जब संसद में पारित हो जाएगा तब उन परिवारों को वो सभी सुविधाएं मिलेंगी जो कि भारत के नागरिकों को मिल रही हैं. अगर ये पहले हुआ होता तो कई पीड़ित परिवार आज देश के नागरिक होते.

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