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देश में ही बनेंगे हथियार तो 7 हजार से ज्यादा उद्योग-धंधे होंगे प्रोत्साहित

जमीन से आसमान तक मार करने वाले और निगरानी करने वाले ऐसे 101 रक्षा उपकरण हैं

नई दिल्ली: रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बड़ा ऐलान कर चुके हैं। भारत ने 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है, जिसके बाद अब देश में गन और क्रूज़ मिसाइलें बनेंगी।

सोमवार को रक्षामंत्री ने आत्मनिर्भर भारत सप्ताह की शुरुआत करते हुए कहा कि अगर हम खुद भारत के भीतर चीजों का निर्माण करने में सक्षम हो जाते हैं, तो हम देश की राजधानी के एक बड़े हिस्से को बचाने में सक्षम होंगे। उस पूंजी की मदद से रक्षा उद्योग से जुड़े लगभग 7000 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

रक्षा के क्षेत्र में सरकार का ये कदम क्रांतिकारी कदम हो साबित हो सकता है। आयात पर रोक चारणबद्ध तरीके से किया जाएगा। अगले चार साल में 101 रक्षा उपकरणों पर रोक लगा दी जाएगी। जमीन से आसमान तक मार करने वाले और निगरानी करने वाले ऐसे 101 रक्षा उपकरण हैं, जिसे कुछ महीने पहले तक भारत दूसरे देशों से मांगता था।

लेकिन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर मज़बूत कदम बढ़ाते हुए भारत ने इन उपकरणों के आयात पर रोक लगा दी है। अब भारत इसके लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि अब अपनी जरूरत के इन सामानों और हथियारों को खुद बनाएगा।

भारत में बनेंगे ये हथियार

आर्टिलरी गन

जमीन से हवा में मार करने वाली छोटी दूरी की मिसाइलें

शिप से छोड़ी जा सकने वाली क्रूज मिसाइलें

असॉल्ट राइफल

हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर

रडार

बैलेस्टिक हेलमेट

बुलेट प्रूफ जैकेट

ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट

रक्षामंत्री ने बताया इस फैसले से पहले अच्छी तरह से इस पर मंथन किया गया कि सेना की ऑपरेशनल एक्टिविटी प्रभावित न हो और इन सामानों को तय समयसीमा के तहत भारत में ही तैयार किया जा सके। दिसंबर 2021 के बाद भारत इन सबके आयात पर रोक लगा देगा और सभी सामान भारत में बनने शुरू हो जाएंगे।

कब लगेगी रोक?

दिसंबर 2022 तक भारत अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर

हल्के रॉकेट लॉन्चर के आयात पर रोक लगा देगा

दिसंबर 2023 तक Beyond Visual Range Air to Air मिसाइल

कम्यूनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-7C

बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट के आयात पर रोक लगाने वाला है

दिसंबर 2024 से भारत छोटे जेट इंजन के आयात पर प्रतिबंध पर भी रोक लगा देगा

दिसंबर 2025 से भारत लंबी दूरी के लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की खरीदारी भी रोक देगा

101 उपकरणों और हथियारों की सूची में से 69 के आयात पर तो दिसंबर 2020 से ही रोक लग जाएगी। इस बार के रक्षा बजट में 52000 करोड़ की भारी रकम घरेलू बाजारों से रक्षा उपकरणों की खरीदारी के लिए आवंटित की है। एक अनुमान के मुताबिक, सरकार द्वारा इस पॉलिसी को लागू करने के बाद अगले 6 से 7 साल में देश की घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को 4 लाख करोड़ का ऑर्डर मिलेगा। भारत वैश्विक रक्षा उत्पाद कंपनियों के लिए पसंदीदा बाजार है, क्योंकि पिछले आठ साल से भारत दुनिया के तीन सबसे बड़े रक्षा उत्पाद आयातकों में बना हुआ है। अगले पांच साल में भारतीय रक्षा बलों के सैन्य उत्पादों पर करीब 130 अरब डॉलर खर्च करने का अनुमान है।

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