मौसम ने ली करवट, बारिश के साथ गिरे ओले, फसलों को नुकसान

भोपाल, कटनी, भिंड, दतिया। मध्यप्रदेश में गुरुवार को मौसम में बदलाव आया। कटनी जिले में बा‍रिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं और चने की फसल को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। दतिया जिले में अचानक मौसम बदला। सेंवढ़ा तहसील के थरेट में दोपहर तीन बजे बारिश के साथ 10 मिनट तक ओले गिरे। भिंड जिले में लहार क्षेत्र के रावतपुरा में गुरुवार दोपहर चार बजे बारिश हुई और देवरीकला में तीन मिनट तक ओले गिरे।

स्लीमनाबाद में बारिश के साथ गिरे ओले

कटनी जिले में गुरुवार दोपहर अचानक मौसम बदलने के बाद आसमान में काले बादल छा गए। स्लीमनाबाद में बारिश के बाद ओले भी गिरे। इससे क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है। खासतौर पर चना और गेहूं की फसलों को क्षति पहुंची है। किसानों ने बताया कि दोनों फसलें पककर तैयार हो गई है, ऐसे में बारिश और ओले गिरने से फसलों को नुकसान हो रहा है।

गुरुवार सुबह दिन सामान्य था और तेज धूप भी निकली थी। दोपहर करीब तीन बजे तक मौसम ठीक था, लेकिन इसके बाद तेज हवाएं चलीं और काले बादल छा गए। स्लीमनाबाद में तेज बारिश के साथ ओले गिरे।

थरेट में बारिश के साथ गिरे ओले

उधर, दतिया जिले में भी गुरुवार को अचानक मौसम बदला। सेंवढ़ा तहसील के थरेट में दोपहर तीन बजे बारिश के साथ 10 मिनट तक ओले गिरे। पककर तैयार गेहूं व सरसों की फसल को किसानों ने नुकसानदायक बताया। वहीं सेंवढ़ा के प्रभारी तहसीलदार सुनील भदौरिया के मुताबिक क्षेत्र में कहीं भी नुकसान की सूचना नहीं है।

ओले सिर्फ थरेट कस्बे में गिरे हैं। यहां कृषि भूमि सीमित है। मैदानी अमले को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। बता दें कि 27 फरवरी को भी मगरोल व आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले गिरे थे। किसानों ने बताया कि दोपहर में तकरीबन 20 मिनट तक बारिश हुई। चने की आकार के ओले गिरे।

असर थरेट व उससे लगे ग्रामीण इलाकों में हुआ। सेंवढ़ा तहसीलदार ने सूचना पर हलका पटवारियोंव नायब तहसीलदार राजेंद्र परमार को थरेट भेजा और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। किसानों के मुताबिक सरसों की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। फसल एक सप्ताह में कटने को तैयार थी। ओले गिरे तो उसका दाना नष्ट हो गया। कुछ हरी फसल भी थी जिसकी बाली नीचे छुक गई और उसमें भी साठ फीसदी तक नुकसान हो गया।

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