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शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में वेब संगोष्ठी संपन्न

’’भारत मे वर्तमान में मीडिया परिदृश्यः दशा और दिशा’’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में ’’भारत मे वर्तमान में मीडिया परिदृश्यः दशा और दिशा’’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी सफलता पूर्वक संपन्न हुई।

महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. बी.एन. मेश्राम के संरक्षण एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डाॅ. बी.एन. जागृत के संयोजन में आयोजित इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रो. बल्देव भाई शर्मा, माननीय कुलपति, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एंव जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) एवं विशिष्ट अतिथि डाॅ. अरुणा पल्टा माननीय कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग (छ.ग.) की गरीमामयी उपस्थिती रही।

विषय प्रर्वतन करते हुए महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डाॅ. शंकर मुनि राय ने पत्रकारिता की प्रारम्भ से अब तक की यात्रा के परिर्वतनों को रेखांकित करते हुए मिशन बनाम प्रोफेशन को बड़े ही सारगरर्भित तरीके से समझाया।

उन्होनें कहा कि वर्तमान समय पत्रकारिता के लिए चुनौति पूर्ण है एैसे मे भविष्य के लिए बेहतर पत्रकार तैयार करने का बहुत बड़ा दायित्व शिक्षण संस्थानों पर है। स्वागत उद्बोधन देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. मेश्राम ने कहा कि ऐसे ज्वलंत विषय पर संगोष्ठी का आयोजन करना हम अपना सौभाग्य मानते है।

डाॅ. मेश्राम ने समाज में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण और मार्गदर्शक बताया। आयोजन को संबोधित करते हुए कुलपति, प्रो. बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि पत्रकार को कभी भी अपने मूल्यों से नहीं भटकना चाहिए। आज की पत्रकारिता मूल्यविहीन होती जा रही हैं अतः पत्रकारिता के शिक्षको का दायित्व है कि अपने विद्याथियों को समाजिक मूल्यों की भी शिक्षा दे ताकि विद्यार्थी पत्रकारिता के सिद्धांतो पर चलकर अच्छे पत्रकार बनें।

कुलपति डाॅ. अरुणा पल्टा ने अपने उद्बोधन में मीडिया को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि मीडिया को चाहिए कि वह सकारात्मक दिशा में कार्य करते हुए समाज में शांति एवं सौहाद्र स्थापित करने का प्रयास करें। उन्होनें कहा कि निश्चित ही मीडिया ने अपने कार्यो के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।

उल्लेखनीय है कि संगोष्ठी मे विषय विषेशज्ञ के रुप में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण एवं मीडिया संस्थानों से वक्तागण उपस्थित रहे। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डाॅ. श्रीकांत सिंह, विभागाध्यक्ष मास मीडिया, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (म.प्र.) ने ’’आधुनिक परिदृश्य में मीडिया की विषय वस्तु’’ विषय पर अपने ओजस्वी वक्तव्य में वर्तमान मीडिया की समाजिक भूमिका एवं उत्तरदायित्वों की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ पत्रकारिता का स्वरुप बदला है। परिर्वतन स्वभाविक है किन्तु पत्रकारिता को अपने मूल उददेश्यों से नही भटकना चाहिए। वह मीडिया ही है जो समाज को सही दिशा दिखाने का काम कर सकता है।

डाॅ. सिंह ने कहा कि पत्रकार को सदैव समाज के प्रति, लोगो के प्रति और समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और ऐसी ही विषय वस्तु परोसना चाहिए जो स्तरीय और नैतिक हो। विषय विशेषज्ञ प्रो. डाॅ. संदीप कुमार वर्मा सहायक आचार्य जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा, (महाराष्ट्र) ने कोरोनाकाल में मीडिया की भूमिका विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इस कठिन समय में मीडिया ने लोगों तक सूचनाओं का सम्प्रेषण करते हुए उन्हें जागरुक करने में सबसे आहम भूमिका निभाई हैं।

उन्होंने कहा कि मीडिया को आज के समय में अपने कंटेट पर काम करने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। विषय विशेषज्ञ श्री अंशुमान शर्मा, एग्जीक्यूटिव एडिटर आईबीसी – 24 न्यूज चैनल, रायपुर (छ.ग.) ने ’’भारत में डिजिटल मीडिया का भविष्य’’ विषय पर अपने महत्वपूर्ण उद्बोधन में कहा कि बेशक ही पारंपरिक मीडिया का स्थान आधुनिक मीडिया नहीं ले सकता लेकिन डिजिटल मीडिया का महत्व हमारे जीवन में क्या है यह कोरोनाकाॅल ने समझाया हैं। सोशल मीडिया के समक्ष विश्वनीयता का संकट अवश्य है किन्तु सेन्सरशिप के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

विषय विशेषज्ञ डाॅ. नरेन्द्र त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष इलेक्ट्राॅनिक मीडिया कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एंव जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.) ने ’’सोशल मीडिया बनाम पारंपरिक मीडिया’’ की आवधारण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने आम लोगों को अभिव्यक्ति का एक निर्बाध मंच प्रदान किया है साथ ही प्रतिक्रिया की सुविधा भी दी हैं। इससे मीडिया के समक्ष प्रमाणिकता और विश्वनीयता का खतरा जरुर जन्मा है लेकिन पत्रकारिता को विस्तार भी मिला है। अतः यह जरुरी है कि वेब को कुछ आवश्यक नियमों एवं आचार संहिता के साथ लोगो को उपलब्ध कराया जाए।

ज्ञात हो कि इस राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी में देश भर से लगभग 600 प्रतिभागी पंजीकृत हुए एवं बड़ी संख्या में आयोजन के दौरान सहभागिता दी। प्रतिभागीयों में मीडिया के विद्यार्थी, शोध छात्र, प्राध्यापक एवं मीडिया कर्मी शामिल रहे। संगोष्ठी का संचालन विभागाध्यक्ष डाॅ. बी.एन. जागृत ने किया।

संगोष्ठी में आयोजन सचिव का दायित्व विभाग के प्राध्यापक श्री अमितेश सोनकर एवं आयोजन की सह-संयोजक का दायित्व रेशमी साहू ने निर्वहन किया। आभार वक्तव्य दीक्षा देशंपांडे ने दिया। संगोष्ठी के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।

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