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प्रैग्नेंसी के दौरान किन कारणों से होता है गर्भपात, कैसे करें खुद का बचाव?

गर्भपात के लक्षण

प्रैग्नेंसी के दौरान अगर अचानक महिला की सेहत खराब हो जाने की वजह से गर्भपात हो जाए तो मूड बहुत खराब हो जाता है। यह परेशानी गर्भधारण के 20 वें सप्ताह में आती है। जब गर्भ में भ्रूण ठीक तरह से विकसित नहीं होता शरीर कुदरती रूप से उसे निष्कासित कर देता है।

शारीरिक कमजोरी या फिर 40 से ज्यादा उम्र की औरतों की प्रेग्नेंसी में गर्भपात का 20 गुना खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा भी गर्भपात होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसके लिए कई बार महिलाएं खुद को दोषी समझने लगती हैं। अपनी देखभाल करने से इस संभावना को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

गर्भपात के लक्षण

गर्भपात के लक्षण को पहचानना बहुत जरूरी है। इससे पेट में लगातार दर्द, कमर के निचले हिस्से में दर्द, प्राइवेट पार्ट से रक्त स्राव होना आदि इसके शुरुआती लक्षण हैं।

इन तरीको से करें अपनी देखभाल

1. प्रेग्नेंसी में तनावमुक्त रहना बहुत जरूरी है। तनाव लेने से सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है। जिससे शरीर पर बोझ आ जाता है, मानसिक के अलावा शारीरिक काम के बोझ से भी यह परेशानी आ सकती है। इस दौरान ज्यादा काम करने से परहेज करें और आराम करें।

2. बार-बार गर्भपात की परेशानी हो रही हो तो पहले ही डॉक्टर से इस बारे में सलाह करें। किसी भी बात को छुपाने की बजाए खुल कर पूरी बात करें। शारीरिक कमजोरी को दूर करने के बाद ही प्रेग्नेंसी का चांस लें।

3. गर्भधारण करने से पहले ही अपनी सेहत पर ध्यान देना शुरू कर दें। बैलेस डाइट लेकर फास्ट फूड को पूरी तरह से बंद कर दें। सब्जियां,फल,सूप और जूस को अपने आहार में शामिल करें।

4. हैल्दी प्रेग्नेंसी के लिए लाइफस्टाइल का हैल्दी होना भी बहुत जरूरी है। समय पर सोना,समय पर जागना, योगा, मेडिटेशन और उन व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें जो प्रेग्नेंसी के लिए बहुत जरूरी है।

5 . किसी भी तरह की कोई परेशानी महसूस हो तो इंतजार करने की बजाए तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। ताकि आने वाली परेशानी ले बचा जा सके।

 

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