काशीगढ़ की खुदाई से क्या-क्या सामान मिलेगा ?

वहीं पर सोन नदी के किनारे मुक्ता ग्राम है जिसे मुकुंतगढ़ के नाम से जाना जाता है

जैजैपुर :

ग्राम काशीगढ़ का नाम उस स्थान पर अधिक संख्या में काशी का पौधा होने की वजह से काशीगढ़ पड़ा। इस नगर में पुराना राजा महाराजा का गढ़ होने के कारण इस नगर के चारों ओर खड़ा होने से राजा अपने घर को सुरक्षित महसूस करते थे।

जिनके वजह से घर के जाने के लिए नाव का सहारा लिया जाता है, वहीं पर आज जो किला है वहां पर खेती करने के लिए जुताई करते वक्त आज भी गढ़ से सोना चांदी वहां की धरातल से प्राप्त होता है वहीं पर सोन नदी के किनारे मुक्ता ग्राम है जिसे मुकुंतगढ़ के नाम से जाना जाता है।

काशीगढ़ चारों ओर से खाई से घिरे होने से बहुमूल्य रत्न की प्राप्ति होती है आज उसका काशीगद को पुरातत्व विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।

यह लगभग 50 एकड़ भूमि में फैला हुआ है पुरातत्व विभाग ने 50 एकड़ भूमि को अपने हाथ में लेकर चारों ओर से दीवार खड़ी कर दिया है, ताकि वहां के कीमती सामान को कोई ले जा ना सके ।

पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने से अब वहां पर खुदाई किया जावेगा । अब यह देखना है कि काशीगढ़ से क्या-क्या कीमती समान उससे मिलता है। ये काशीगद के गर्भ में छिपा है।

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