ई-विजिट से कलेक्टर जानेंगे निर्देशों पर क्या काम हुआ

कलेक्टर के नियमित दौरों के दौरान डिस्ट्रिक्ट मानीटरिंग एंड मेजरमेंट यूनिट के सदस्य भी साथ मौजूद रहेंगे

ई-विजिट से कलेक्टर जानेंगे निर्देशों पर क्या काम हुआ

कलेक्टर विजिट के दौरान सामने दिखीं खामियों को दूर करने उठाये गए कदमों पर नजर रखेगी डिस्ट्रिक्ट मानीटरिंग एंड मेजरमेंट यूनिट

सोशल एवं इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट होंगे टीम के सदस्य

राजनांदगांव : कलेक्टर के नियमित दौरों के दौरान डिस्ट्रिक्ट मानीटरिंग एंड मेजरमेंट यूनिट के सदस्य भी साथ मौजूद रहेंगे। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले में इस यूनिट का गठन किया है। गठन का उद्देश्य कलेक्टर विजिट के दौरान स्थल में सामने आई खामियों के संबंध में अपना फीडबैक देना तथा इसके निराकरण के लिए किए गए विभागीय पहल की मानीटरिंग करना है। मानीटरिंग कमिटी में सोशल एवं इंजीनियरिंग दोनों तरह के एक्सपर्ट शामिल होंगे।

इंजीनियरिंग एक्सपर्ट कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान चल रहे निर्माण कार्यों पर बारीकी से गौर करेंगे एवं इसकी गुणवत्ता के संबंध में कलेक्टर को फीडबैक देंगे। इसके बाद संबंधित विभाग को नियत तिथि में अपनी एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) देनी होगी। इसके बाद एटीआर के आधार पर यूनिट के सदस्य स्थल निरीक्षण के लिए पुन: जाएंगे। यहाँ से वेबकैम के माध्यम से कलेक्टर को वस्तुस्थिति के संबंध में अवगत कराएंगे।

कलेक्टर श्री भीम सिंह ने इस संबंध में आज यूनिट के तकनीकी एवं सोशल सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान टेक्निकल एक्सपर्ट की मौजूदगी से निर्माण कार्यों की बेहतर समीक्षा करने में मदद मिलेगीए साथ ही वे अपने सुझाव भी दे सकते हैं जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद मिल सके।

मानीटरिंग यूनिट के सदस्य पूरी तरह से हाईटेक होंगे। सारी एक्शन टेकन रिपोर्ट आनलाइन होंगी जिससे कलेक्टर के निरीक्षण के पश्चात हुई कार्रवाई की जानकारी मिल सकेगी। मानीटरिंग कमिटी के सदस्य राज्य स्तर से मानीटर होने वाले जिले के बड़े प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन पर भी नजर रखेंगे एवं इनके निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता एवं अन्य पक्षों की जानकारी कलेक्टर को समय-समय पर देते रहेंगे। चर्चा के दौरान सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल मौजूद थे।

मानीटरिंग यूनिट यह भी देखेगी कि कलेक्टर जनदर्शन में आए आवेदनों का किस तरह गुणवत्तापूर्वक निराकरण अधिकारी कर रहे हैं। यूनिट लगातार आवेदकों के संपर्क में रहेगी ताकि सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक निराकरण हो सके।

पहले विजिट, फिर ई-विजिट –

कलेक्टर जिन स्थलों पर जाएंगे, वहाँ की समस्याएँ तथा लोगों के फीडबैक मानीटरिंग यूनिट के सदस्य नोट करेंगे। इसके बाद समस्याओं के निराकरण की समय-सीमा तय की जाएगी तथा विभागीय अधिकारियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मंगाई जाएगी। इसके बाद मानीटरिंग यूनिट के सदस्य मौके पर पहुँचकर वेबकैम के माध्यम से कलेक्टर को तस्वीरें दिखाएंगे, आवेदकों से बात कराएंगे। मानीटरिंग यूनिट कलेक्टर के सभी दौरों में सामने आये विषयों को फोल्डरवाइज रखेगी। इससे किसी स्थल पर एक से अधिक बार किए गए निरीक्षण में सभी दौरों में रेखांकित विषयों की जानकारी एक ही जगह पर मिल पाएगी, इससे संबंधित अधिकारी द्वारा किए गए पालन प्रतिवेदन की गुणवत्ता की भी जानकारी आसानी से मिल पाएगी।

advt

Back to top button