भीड़ से उलझे सब-इसंपेक्टर गगनदीप जाने क्या है बात

नेशनल डेस्क: नैनीताल के रामनगर में एक मुस्लिम युवक को बचाने के लिए अकेले ही भीड़ से उलझने वाले उत्तराखंड पुलिस में गगनदीप सिंह की बहादुरी को पूरा देश सलाम कर रहा है। हालांकि गगनदीप अपने आप को कोई हीरो नहीं मानते। उनका कहना है कि वो सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे थे। उनके अनुसार पुलिसवाला युवक को भीड़ से नहीं बचाएगा तो कौन बचाएगा। सब-इसंपेक्टर ने कहा कि मैं भीड़ को एक युवक को नुकसान पहुंचाने की इजाजत कैसे दे सकता था।

गगनदीप ने उस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वह गंगा दशहरे के दिन मंदिर परिसर में ड्यूटी पर थे। इसी बीच मुझे शोर सुनाई दिया जब मैं घटनाक्रम पर पहुंचा तो वहां देखा कि गुस्साई भीड़ एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट कर रही थी। वह उसे बचाने के लिए भीड़ की तरफ बढ़े इस दौरान उन्हे लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। सब-इसंपेक्टर ने बताया कि उस समय मेरे लिए युवक को बचाना ज्यादा अहम था जिसके चलते वह भीड़ से उलझ गए और इरफान को सुरक्षित वहां से बाहर निकालने में कामयाब रहे।

गगनदीप ने बताया कि इस बीच मैंने महिला इंस्पेक्टर से लड़की को मंदिर परिसर के दूसरी तरफ से दूर ले जाने को कहा। जिसके बाद वह इस जोड़े को पुलिस स्टेशन ले आए ताकि वे लोग दोबारा उन पर हमला ना कर पाएं। सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दोनों बालिग थे। लड़के की उम्र करीब 24 साल थी और वहीं लड़की 18 साल से ऊपर थी। दोनों को सुरक्षित घर छुड़वाया गया। बता दें कि सब-इंस्पेक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसमें वह एक मुसिलम लड़के को भीड़ से बचाते हुए दिखाई दिए। लोगों ने उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की।

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