ऐसा क्या कहा मायावती ने कि अखिलेश रह गए सन्न !

अपने अविभाजित वोट बैंक से भारी हैं मायावती

-शैलेंद्र गुप्ता शैली-

फिरोजाबाद : उत्तर प्रदेश में लोकसभा का चुनाव मिलकर लड़ रहे अखिलेश और मायावती की पार्टी लगातार जनसभाएं कर ताल ठोंक रही है । जनसभा में मायावती अपने तीखे तेवर और सधे अंदाज में अखिलेश की पार्टी पर भारी दिखाई देती हैं।फ़िरोज़ाबाद में अपने भाषण के बीच सपा कार्यकर्ताओं के प्रति मायावती की बेखौफ तल्ख टिप्पणी से अखिलेश सन्न रह गए।

बसपा सुप्रीमो यह मान कर चल रही हैं कि एकजुट और बिना बंटने वाला बसपा वोट बैंक गठबंधन की खास ताकत है।मायावती यह संदेश देने में सफल प्रतीत होती हैं कि किसी भी दशा में उनका अविभाजित वोट बैंक चौकीदार की चौकीदारी छीनेगा। फ़िरोज़ाबाद की एक साझा जनसभा में अपने भाषण के दौरान जाहिर भी कर दिया।
फ़िरोज़ाबाद में लोकसभा का चुनाव संघर्ष बेहद रोचक होने वाला है क्योंकि यहां से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे चुनाव लड़ रहे हैं ।वह सीटिंग सांसद हैं ,दूसरी तरफ सपा उम्मीदवार अक्षय यादव के चाचा शिवपाल यादव भी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार हैं ।उन्होंने उन्होंने भी पूरे दमखम के साथ चुनावी संघर्ष को रोचक बनाने का प्रयास किया है।वैसे तो हर प्रत्याशी जीतने का दावा करता है। चाचा शिवपाल यादव द्वारा यादव मतों को विभाजित करने की रणनीति का चक्रब्यूह की रचना का असर सपा उम्मीदवार भतीजा अक्षय यादव की जीत की राह को पथरीला बना सकता है।
इधर भाजपा ने सिरसागंज निवासी डॉ चन्द्र सेन जादौन को मैदान में उतारा है, हालांकि भाजपा उम्मीदवार राजनीति में बहुत ज्यादा सक्रिय नहीं रहे हैं किंतु मोदी नैया के सहारे चुनाव बैतरणी पार करने की उम्मीद भाजपा उम्मीदवार को है।दिग्गज नेता अपने उम्मीदवार के लिए बड़ी झोली फैला चुके हैं,मोदी के नाम पर।कांग्रेस ने फ़िरोज़ाबाद में उम्मीदवार नहीं उतारा है।
मौका हो तो पार्टी में अनुशासन को तरजीह देने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती समाजवादी पार्टी को बेखौफ अंदाज में नसीहत देती हैं।मायावती लोकसभा चुनाव में गठबंधन की पार्टी समाजवादी पार्टी को अनुशासनहीनता के मामले में नसीहत देने में डरी नहीं । मायावती ने फिरोजाबाद में अक्षय यादव के समर्थन में जनसभा में सपा के कार्यकर्ताओं को तल्ख नसीहत देकर अखिलेश यादव को चोंका दिया। मंच पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व रामगोपाल यादव के सामने ही मायावती ने समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कह दिया कि समाजवादी पार्टी के लोगों को बसपा से अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। फिरोजाबाद में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की संयुक्त रैली के दौरान मायावती की तल्ख टिप्पणी अखिलेश यादव को नागवार लग सकती है।
हुआ यह कि फिरोजाबाद में सपा-बसपा-रालोद की संयुक्त रैली के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। अपने भाषण के दौरान शोर सुनकर मायाबती ने भाषण को बीच में रोककर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता व नेताओं को बसपा से बहुत कुछ सीखने की नसीहत दे डाली। एक टीचर की तरह मायावती ने सपा कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने की सीख दी। मायावती ने मंच से भाषण रोककर कहा कि आप लोग मेरे भाषण के बीच में नारेबाजी कर हल्ला कर रहे हैं,यह अनुचित है।
आप लोगों को बीएसपी के लोगों से सीखना चाहिए कि कैसे वे अपनी बात रखते हैं और मेरी बात सुनते हैं। अभी तो समाजवादी पार्टी के लोगों को बहुत सीखने की जरूरत है। बसपा के लोग पार्टी और हमारी बात बहुत शांति से सुनते हैं।मायावती की नसीहत सुन सपा कार्यकर्ताओं का शोर छूमंतर हो गया।

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