गंगा दशहरा में क्या है विशेष,पढ़िए पूरी खबर

आमतौर पर यह त्‍योहोर अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक मई या जून में आता है. इस बार यह 24 मई यानी कि आज मनाया जा रहा है.

आज गंगा दशहरा है. गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्‍नान का बड़ा महत्‍व है. मान्‍यता है कि इस दिन गंगा का अवतार हुआ था. माना जाता है कि आज के दिन गंगा में स्‍नान करने के बाद दान-दक्षिण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पापों का नाश होता है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक हर साल ज्‍येष्‍ठ माह की शुक्‍ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है. आमतौर पर यह त्‍योहोर अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक मई या जून में आता है. इस बार यह 24 मई यानी कि आज मनाया जा रहा है.

क्‍यों मनाया जाता है गंगा दशहरा ?

हिंदू पुराणों के अनुसार ऋषि भागीरथ को अपने पूर्वजों की अस्थियों के विसर्जन के लिए बहते हुए निर्मल जल की आवश्यकता थी. इसके लिए उन्होंने मां गंगा की कड़ी तपस्या की जिससे मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हो सके. मां गंगा का बहाव तेज होने के कारण वह उनकी इस इच्छा को पूरा नहीं कर पाई. लेकिन उन्होंने कहा की अगर भगवान शिव मुझे अपनी जटाओं में समा कर पृथ्वी पर मेरी धारा प्रवाह कर दें तो यह संभव हो सकता है. उसके बाद ऋषि भागीरथ ने शिव जी की तपस्या की और उनसे गंगा को अपनी जटाओं में समाहित करने का आग्रह किया. फिर क्‍या था गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल में समा गईं और फिर ब्रह्मा जी ने शिव जी की जटाओं में गंगा को प्रवाहित कर दिया. इसके बाद शिव ने गंगा की एक चोटी सी धारा पृथ्वी की ओर प्रवाहित कर दी. तब जाकर भागीरथ ने अपने पूर्वजों की अस्थियों को विसर्जित कर उन्हें मुक्ति दिलाई.

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