क्या है CVV कोड, क्या है इसका पूरा नाम, जाने इसकी खासियत

डेटा चोरी के वक्त आपकी मदद करता है सीवीसी नंबर

नई दिल्ली: ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के इस दौर में ज़्यादातर लोगों के पास क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स होते हैं जिससे पेमेंट करना काफी आसान हो जाता है. CVV (Card Verification Value)और CVC (Card Verification Code) इन्हीं क्रेडिट और डेबिट कार्ड से सम्बंधित कोड हैं. ऐसे में ये जानना ज़रूरी है कि आखिर ये कोड इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं.

CVC नंबर की खासियत

यह कोड आपको अपने क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के पिछली तरफ मैग्नेटिक स्ट्रिप के पास देखने को मिलेगा. इस कोड की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये किसी भी सिस्टम पर आसानी से सेव नहीं होता है.

कई बार आपने देखा होगा कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के समय आपके कार्ड की डिेटेल ऑटो सेव हो जाती है और अगली बार पेमेंट करते समय आपको कार्ड की पूरी डिलेट नहीं भरनी पड़ती है. सिर्फ सीवीसी नंबर इंटर करना होता है, क्योंकि सीवीसी नंबर सेव नहीं होता है.

CVC नंबर पीछे क्यों लिखा होता है

आजकल कार्ड से पेमेंट करते समय ओटीपी के रूप में एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर उपलब्ध है. इसके बावजूद सुरक्षा की दृष्टि से सीवीसी नंबर बेहद महत्वपूर्ण है. दूसरी बात ये है कि ये नंबर कार्ड के पीछे लिखा होता है, इसलिए ऑनलाइन पेमेंट करते समय इसे देख पाना आसान नहीं. वैसे सलाह ये दी जाती है कि आप अपने सीवीसी नंबर को यादकर उसे कार्ड से मिटा दें.

डेटा चोरी से आपको सुरक्षित रखता है

सीवीसी नंबर डेटा चोरी के वक्त आपकी मदद करता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बैंकिंग रेग्युलेशन के मुताबिक कोई भी मशीन सीवीसी नंबर को स्टोर नहीं कर सकती है. ऐसे में हो सकता है कि किसी मर्चेंट की वेबसाइट पर आपका कार्ड की डिटेल और व्यक्तिगत सूचना सेव हो, लेकिन आपका सीवीसी नंबर वहां नहीं होगा.

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