क्या है बॉक्सिंग डे टेस्ट आखिर क्यों खेला जाता है, जाने पूरी ख़बर यहाँ!

अगर आपको यह देखना है तो बॉक्सिंग-डे टेस्ट के समय एमसीजी आ जाइए।

ये समय क्रिसमस और नए साल का है। इन दोनों के बीच में ही बचे पांच दिन में दुनिया के सबसे ज्यादा दर्शक क्षमता वाले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड एमसीजी में बॉक्सिंग-डे टेस्ट खेला जाता है।

26 से 30 दिसंबर तक ऑस्ट्रेलियाई हब मेलबर्न के इस मैदान में टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंकी जाती है।

शायद ही आपने कभी कहीं टेस्ट क्रिकेट को देखने के लिए 80,000 से 90,000 की भीड़ देखी हो। अगर आपको यह देखना है तो बॉक्सिंग-डे टेस्ट के समय एमसीजी आ जाइए।

क्रिसमस के ठीक बाद वाले दिन को बॉक्सिंग-डे कहते हैं। इसी दिन से एमसीजी में हर साल टेस्ट मैच आयोजित किया जाता है।

1871 के बाद से पूरे ब्रिटेन में इस दिन छुट्टी होती है। ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रलिया के कुछ प्रांतों में बॉक्सिंग-डे को शॉपिंग के दिन की तरह मनाया जाता है। एमसीजी में इस दिन एमसीजी में बॉक्सिंग-डे टेस्ट खेला जाता है।

पहली बार बॉक्सिंग-डे टेस्ट मैच की शुरुआत इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच 1913 में जोहानिसबर्ग में हुई, लेकिन इसके बाद अगला बॉक्सिंग-डे टेस्ट होने में 48 साल लग गए।

ऑस्ट्रेलिया में बॉक्सिंग-डे टेस्ट की शुरुआत वेस्टइंडीज के खिलाफ 1968-69 से हुई, लेकिन 1981-82 से यह परंपरा का हिस्सा बना। तब से यह ऑस्ट्रलियाई क्रिकेट कैलैंडर की पहचान बन गया।

एमसीजी है क्रिकेट की पहचान

165 साल पहले 1853 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड का निर्माण हुआ था और 1877 में यहां पहली बार टेस्ट मैच आयोजित किया गया।

उसके बाद 141 साल में यहां 110 टेस्ट आयोजित हो चुके हैं। बुधवार से यहां 111वां टेस्ट शुरू हुआ है।

इस दौरान यहां 11161 रन बने और 3687 विकेट गिरे। सिर्फ इंग्लैंड के लॉ‌र्ड्स स्टेडियम में इससे ज्यादा टेस्ट मैच आयोजित हुए हैं।

हालांकि 165 साल में इस स्टेडियम में कई बार बदलाव किया गया और अब यह आधुनिक स्टेडियम है।

1937 में इसी स्टेडियम में डॉन ब्रेडमैन ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 270 रनों की पारी खेली थी।

पांच जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच यहीं पर दुनिया का पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबला खेला गया।

एक फरवरी 1981 को इसी मैदान पर न्यूजीलैंड को वनडे में जीत के लिए आखिरी गेंद पर छह रन की दरकार थी.

ऑस्ट्रेलियन कप्तान ग्रेग चैपल ने अपने भाई ट्रेवर से अंडरआर्म गेंद फेंकने को कहा, जिससे बल्लेबाज ब्रायन मैकेनी छक्का ना मार सकें।ऐसा हुआ भी।

उस समय वह गेंद अवैध नहीं होती थी, लेकिन आदर्श स्थिति नहीं होने के कारण उसकी बहुत आलोचना हुई। 1992 में इस मैदान ने पहली बार विश्व कप फाइनल की मेजबानी की।

अगर किसी टेस्ट मैच को सबसे ज्यादा दर्शक संख्या मिलने की बात है तो एमसीजी दूसरे स्थान पर है।

ईडन गार्डेस में पहले एक लाख से अधिक की दर्शक क्षमता थी और 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए टेस्ट मैच को पांच दिन में 465000 लोगों ने देखा था। वहीं, एमसीजी में एक टेस्ट मैच में कुल 350534 दर्शक मैच देखने आए थे।

-165 साल पुराना है इस स्टेडियम का इतिहास। 1877 में यहां इतिहास का पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया

-1956 में मुख्य स्टेडियम में ओलंपिक खेल आयोजित किए गए

-1971 में इतिहास का पहला वनडे यहां आयोजित किया गया

-1981 में ग्रेग चैपल और ट्रेवर का अंडर-आर्म कांड यहीं पर हुआ

-1985 में भारत ने यहां बेंसन एंड हेजेस व‌र्ल्ड सीरीज जीती

-1992 में पाकिस्तान ने विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया

-1995 में अंपायर डेरेल हेयर ने यहीं पर मुथैया मुरलीधरन के एक्शन के कारण उनकी गेंदों को नोबॉल करार दिया

-2015 में यहां विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराया

किसी टेस्ट में एक दिन में सबसे ज्यादा दर्शक

दर्शक, मैच, स्टेडियम, वर्ष

100000, भारत बनाम पाकिस्तान, ईडन गार्डेस, 1998-99

91112, ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, एमसीजी, 2013-14

90800, ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, एमसीजी, 1960-61

89155, ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, एमसीजी, 2006-07

सबसे बड़े स्टेडियम

स्टेडियम, शहर, देश, दर्शक क्षमता

एमसीजी, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया, 100024

ईडन गार्डेस (बदलाव के बाद), कोलकाता, भारत 66349

ऑप्टस, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया, 60000

एडिलेड ओवल, एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया, 53583

एससीजी, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया, 48000

सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन

मैदान, शहर, देश, कुल मैच

एमसीजी, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया, 270

एससीजी, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया, 267

शारजाह, शारजाह, यूएई, 259

लॉ‌र्ड्स, लंदन, इंग्लैंड, 208

हरारे, हरारे, जिंबाब्वे, 204

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