ये क्या….चमत्कारी पानी से होता है कुत्ता काटने का इलाज !

नई दिल्ली। इसे चमत्कार कहें या फिर आस्था और विश्वास। यहां कुत्ता, बिल्ली, सियार काटने पर सैकड़ों मरीज इंजेक्शन और दवा लेने की बजाय चमत्कारी पानी पीकर ठीक होने का दावा करते हैं। यहां पानी पीने के लिए उत्तर प्रदेश से ही नहीं गैर प्रांतों से भी लोग आते हैं यहां क्षेत्र के शिक्षित किसान व ग्रामीण दवा से ज्यादा चमत्कारी पानी पर विश्वास करते हैं आश्रम के चारों और कुलांचे भरने वाले हिरणों के झुंडो का भी इस जगह से गहरा रिश्ता है

सौ साल से है प्रथा

जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर हरदोई सवायजपुर मार्ग पर थाना लोनार क्षेत्र के गांव नसौली डामर है। कभी यहां एक कुआं होता था जो करीब 100 साल पुराने रामसीता मंदिर के अंदर है और तब से ही यहां ऐसे मरीजों को पानी पिलाया जा रहा है। पहले कुएं से मरीजो को सप्ताह के 3 दिन शनिवार, रविवार और मंगलवार को पानी पिलाया जाता था लेकिन अब यहां लगे एक हैंड पम्प से पानी निकालकर पिलाया जाता है क्योंकि कुएं की सफाई ठीक से न होने की वजह से यह सूख गया है।

पवित्र स्थान मानते हैं लोग

लोग इस स्थान को एक पवित्र स्थान मानते हैं और यहां का पानी पीकर ठीक होने का दावा करते हैं। हफ्ते के तीन दिन यहां मरीजों का तांता लगा रहता है। मरीजों को पानी पिलाने से पूर्व आश्रम में बने राम सीता मंदिर में आश्रम के महात्मा चंद्रमा दास दारा पूजा की जाती है। इनके शंख बजाते ही आस-पास मौजूद सारे कुत्ते आसमान की ओर मुंह करके रोने लगते हैं, इस प्रक्रिया के बाद पानी पिलाने की शुरूआत होती है जो पूरे दिन चलती है। पानी पिलाने से पूर्व महात्मा द्वारा मंत्र पढ़कर पानी को मरीजों के लायक बनाया जाता है।

इस बात का ध्यान रखना है जरूरी

मान्यता है कि, यहां से दूर जाकर कोई पानी पीता है तो पानी साधारण सिद्ध हो जाता है और फिर पीने वाले पर इसका कोई असर नहीं होता है। इसलिए स्वास्थ्य लाभ के लिए इसी स्थान पर पानी पीना आवश्यक माना गया है।

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