ये कैसा लॉकडाउन? तालाबंदी नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां

नगर में तालाबंदी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। मानो कोरोना महामारी क्षेत्र से हमेशा के लिए विदा हो गया हो।

राजशेखर नायर/नगरी : नगर में तालाबंदी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। मानो कोरोना महामारी क्षेत्र से हमेशा के लिए विदा हो गया हो।

अगर नियमों में ढील दी जानी है तो सभी व्यवसायियों को इसका फायदा मिलना चाहिए, भेदभाव पूर्ण रवैया अपना या नहीं जाना चाहिए। एक तरफ तो छोटे दुकानदारों के साथ प्रशासन सख्ती से पेश आ रही तो दूसरी तरफ बड़े व्यवसायियों को छूट दी जा रही है।
पान दुकानों को पूर्णता बंद कर दिया गया है पर पान मसाला बेचने वाले थोक व्यापारियों को दुकान खोलने की इजाजत दी जा रही है। जब छोटे पान ठेला व्यवसायियों का कारोबार, आपने बंद कर दिया है, तो बड़े तो पान मसाला व्यापारियों को दुकानदारी की इजाजत क्यों दी जा रही है?

थोक पान मसाला दुकान

नगर के वार्ड न. 11 में स्थित एक थोक पान मसाला दुकान के साथ ही बंजरंग चौक व अन्य पान मसाला की दुकाने, किराना दुकान को मिली छूट की आड़ में अपना व्यवसाय चला रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं की आड़ में सोना,चांदी की दुकाने है,कपड़े दुकाने यह सब भी खोले जा रहे हैं,सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

अवैध मदिरालयों का कारोबार भी खूब फल-फूल रहा है, इस अवैध कारोबार में लगे अपराधी शराबियों को घरों में बैठा कर मदिरा परोस रहे हैं। कुछ तो फल दुकानों,भोजनालयों के आड़ में यह कारोबार चला रहे हैं,और कुछ तो एक्टिवा, स्कूटी जैसे वाहनों के माध्यम से घर पहुंच सेवा प्रदान कर रहे हैं।

कोरोना का हवाला देकर सलून, ब्यूटी पार्लर आदि दुकाने खोलने की इजाजत नहीं दी गई है, पर शर्तों के साथ होटल खोलने की इजाजत दे दी गई है, खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी की जानी है पर यहां भी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

सलून व्यवसाई दीपक सेन, यतीनद्र सेन, परमेश्वर सेन, निर्भय ने बताया कि व्यवसाय बंद होने की वजह से आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है, इसलिए जिला प्रशासन से निवेदन करते हैं कि उन्हें दुकाने खोलने की इजाजत दी जाए। छोटी निर्मल करने बताया कि जब सभी दुकानें खुल रही है, तो पार्लर व्यवसायियों के साथ प्रशासन भेदभाव पूर्ण रवैया क्यों अपना रही है? उन्हें भी दुकाने खोलने की इजाजत दी जानी चाहिए।

बैंकों के सामन भीड़,सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा। ये कैसा लॉकडाउन? क्या? कुछ व्यवसाय को ना खुलने देना ही लॉकडाउन है ?

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