ये कैसी सजा… ?

क्या आप सोच सकते हैं किसी चौक का नाम अपने हिसाब से रखने की सजा क्या हो सकती है.. ? ये सोचने से पहले ये सोचना ज्यादा जरुरी है कि सजा होनी भी चाहिए की नहीं ?

क्या आप सोच सकते हैं किसी चौक का नाम अपने हिसाब से रखने की सजा क्या हो सकती है.. ? ये सोचने से पहले ये सोचना ज्यादा जरुरी है कि सजा होनी भी चाहिए की नहीं ? हमारे कानून में भी चौक का नाम रखने की कोई सजा नहीं है | तो वो कौने थे जिन्होंने चौक का नाम रखने के बदले मौत की सजा दे दी |

बिहार के दरभंगा में एक चौक का नाम पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने पर हुए विवाद में बीजेपी नेता के घर में घुसकर उनके पिता की हत्या कर दी गई | आरोप है कि आरजेडी कार्यकर्ताओं ने इस वारदात को अंजाम दिया है |

आरजेडी कार्यकर्ता चौक का नाम ‘मोदी चौक’ रखे जाने से नाराज थे. वे इसे लालू प्रसाद यादव के नाम पर रखना चाहते थे, लेकिन बीजेपी नेता ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे. घटना में घायल बीजेपी नेता की हालत गंभीर है. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है |

बीजेपी नेता ने दो साल पहले अपने इलाके का चौक का नाम बदलते हुए नरेंद्र मोदी चौक रख लिया था. इसे लेकर कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन कमलेश ने उनकी बात नहीं मानी.

गुरुवार को एक बार फिर इस बात को लेकर आरजेडी कार्यकर्ता और कमलेश यादव के बीच बहस हो गई. कार्यकर्ताओं ने मांग की कि चौक का नाम लालू चौक कर दिया जाए, लेकिन कमलेश इसके लिए तैयार नहीं हुआ.

बड़ा ही अजीब देश है हमारा यहां रेप, मर्डर, चोरी, बैंक घोटाला और कई बड़े अपराध करने वालों को सजा मिलने में सालों लग जाते है, कई बार तो मिलती भी नहीं है | लेकिन वहीं किसी चौक का नाम रखने वाले के घर में घुस कर उन्हें जान से मार दिया जाता है |

अगर कोई अन्य घटना हो जाए तो पक्ष, विपक्ष आपस में आरोप – प्रत्यरोप करते है, कैंडल ले कर जगह – जगह विरोध करते हैं, काले झंडे दिखाते हैं, धरना देते हैं, और भी न जाने कितने तरीके अपनाते है बड़े से बड़े जुर्म को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए | लेकिन सिर्फ चौक का नाम रख देना लोगो को इतना नागवार गुजरा कि, सजा भी खुद तय की, और सजा भी खुद दी |

वे नाराज क्यों थे ? इसलिए, क्योंकि चौक का नाम उनकी पार्टी के नेता का ना हो कर विपक्ष के पार्टी के नेता का नाम था, या फिर इसलिए क्योंकि वे इस चौक का नाम अपने पार्टी के नेता के नाम पर रखना चाहते थे ?

वजह चाहे जो भी हो, उनकी नाराजगी भी चाहे जिस भी बात पर हो, पर ये जो तरीका निकाला है अपनी नाराजगी जाहिर करने का वो तो सरासर गुंडागर्दी है |

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