प्रेग्नेंसी के दौरान करेले का सेवन क्या होगा आपके लिए फायदेमंद, जानें

महिलाएं जितना संतुलित आहार खाएंगी, उतना ही अच्छा विकास गर्भ में पल रहे बच्चे का होगा

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का अपनी डाइट का खास ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि इसका सीधा असर होने वाले बच्चे पर होता है। इस दौरान महिलाएं जितना संतुलित आहार खाएंगी, उतना ही अच्छा विकास गर्भ में पल रहे बच्चे का होगा।

ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान करेले का सेवन एक बेहतर विकल्प है। हालांकि कुछ लोगों को लगता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन नहीं करना चाहिए लेकिन यह मां को स्वस्थ रखने के साथ-साथ भ्रूण के विकास में भी बहुत फायदेमंद है। चलिए, आपको बताते हैं कि गर्भावस्था में क्यों और कैसे खाना चाहिए करेला।

करेले में मौजूद जरूरी तत्व

1 कप (58 g) करेले में 7.5 mg सोडियम, 349.2 mg पोटैशियम, 3.9 g कार्बोहाइड्रेट, 1.1 g डाइटरी फाइबर, 0.6 g शुगर, 2.1 g प्रोटीन, 2% कैल्शियम, 3% आयरन और 13% मैगनीशियम होता है। 28% विटामिन ए, 53% विटामिन सी और 20% विटामिन बी-6 होता है, जो गर्भवती महिला के लिए बहुत जरूरी है।

क्यों हानिकारक है करेला?

दरअसल, करेले के बीजों में मेमोरचेरिन तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भ में बच्चे के लिए हानिकारक होते हैं। इसे खाने से गर्भपात की नौबत तक आ सकती है।

कैसे खाएं करेला?

करेला खाने से पहले उसके बीजों को निकाल दें क्योंकि इसके बीज प्रेग्नेंसी में हानिकारक होते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान आप इसे सलाद, सब्जी, सूप या जूस के रूप में ले सकती हैं लेकिन इसका सेवन करने से पहले बीज जरूर निकाल लें। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करने में भी मदद करता है।

करेला खाने के फायदे

फोलेट से भरपूर

गर्भवती महिलाओं को फोलेट की काफी जरूरत होती है, जो करेले में भरपूर पाया जाता है। यह मिनरल्स संभावित न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट को सुरक्षित रखने में मदद करता है। महिलाएं करेले का एक चौथाई हिस्सा दिनभर में ले सकती हैं।

भ्रूण का विकास

इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स, आयरन, नियासिन, पोटेशियम, पेंटोथेनिक एसिड, जिंक, पाइरोडॉक्सिन, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे तत्व यह भ्रूण के विकास बेहतर तरीके से करते हैं।

फूड क्रेविंग से बचाए

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को फूड क्रेविंग होना आम बात है लेकिन इससे मोटापा आ जाता है, जो मां और शिशु के लिए खतरनाक है। ऐसे में फाइबर से भरपूर करेले का सेवन पेट को भरा हुआ महसूस करवाता है। इससे हाई-कैलोरी फूड्स और जंक फूड्स की क्रेविंग कम होती है। साथ ही इससे मोटापा भी दूर रहता है।

मजबूत इम्यून सिस्टम

इस दौरान महिलाएं जल्दी इंफैक्शन व बैक्टीरिया की चपेट में आती है। इससे बचने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। करेले का सेवन ना सिर्फ इम्यून सिस्टम मजबूत करता है बल्कि इससे गर्भवती महिलाएं इंफैक्शन व बैक्टीरिया से भी बची रहती हैं।

बेहतर पाचन क्रिया

करेला पेरिस्टालिसिस को बढ़ावा देकर बॉवेल मूवमेंट को नियंत्रित करने और गर्भवती महिलाओं के पाचन तंत्र को बेहतर करने में मदद करता है। साथ ही इससे महिलाएं पेट दर्द, एसिडिटी, कब्ज और पाचन तंत्र जैसी अन्य समस्याओं से भी बची रहती हैं।

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