रूसी ‘ब्लू ह्वेल’ ने कौन सी कसर छोड़ी, जो पूरी करने आया है जापानी ‘मोमो’?

वॉट्सऐप—फेसबुक पर मौत का खेल, 'ब्लू ह्वेल', 'किकी चैलेंज' से भी खतरनाक

मुंबई

रूस से निकली थी ‘ब्लू ह्वेल’, जिसने कई बच्चों, किशोरों और युवकों की जान ले ली। अब जापान से चलकर भारत का रुख कर चुका है मौत का ‘मोमो चैलेंज’। ‘ब्लू वेल गेम’ और किकी चैलेंज के बाद इन दिनों सोशल मीडिया में मोमो चैलेंज काफी तेजी से वायरल हो रहा है। यह वॉट्सऐप के जरिए फैल रहा है। अगर आप वॉट्सऐप या फेसबुक पर ज्यादा वक्त बिताते हैं, तो जरा सावधानी बरतें।

इन नेटवर्किंग साइट्स पर आए अनजान नंबरों को बिना सोचे-समझे ‘सेव’ भी न करें। अगर आपने ऐसा किया, तो वह अज्ञात नंबर आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। जो नंबर मौत बांट रहा है, उसे मोमो (MoMo) कहते हैं।

दावा किया जाता है कि मोमो जापान से ताल्लुक रखती है और ‘मोमो चैलेंज गेम’ के लिए जो डरावनी तस्वीर इस्तेमाल की जा रही है, उसे जापानी कलाकार मिदोरी हायाशी ने बनाया था। हालांकि हायाशी का इस गेम से कोई लेना-देना नहीं है।

मोमो करती है मजबूर

यह चैलेंज जोखिम भरा होता है। मोमो इसे पूरा नहीं करने पर यूजर को डांटती है और सख्त सजा देने की धमकी भी देती है। इससे यूजर डरकर आदेश मानने को मजबूर हो जाता है। वह मोमो की बातों में फंसकर मानसिक अवसाद में चला जाता है और जान देने को मजबूर हो जाता है। मोमो चैलेंज लेने वालों में ज्यादातर बच्चे और नौजवान हैं।

फिरौती का खेल भी

साइबर विशेषज्ञ के मुताबिक, ‘मोमो चैलेंज गेम से एक नहीं, बल्कि कई खतरे हैं। इस गेम के माध्यम से अपराधी बच्चों और युवाओं को फंसाते हैं। निजी जानकारी चुराने के बाद उनके परिजन को ब्लैकमेल करने और फिरौती मांगने में भी इसका इस्तेमाल करते हैं। यही नहीं, इस तरह के गेम से बच्चों को तनाव में डालकर उन्हें आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं।’

यह पूरा सिलसिला एक मासूम सी फोन कॉल से शुरू होता है। यूजर को अज्ञात नंबर से कॉल आती है, जिसे सेव कर हाई—हेलो करने का चैलेंज दिया जाता है। फिर उसी नंबर पर बात करने का चैलेंज दिया जाता है। आगे बढ़ते ही संदिग्ध नंबर से यूजर को डरावनी तस्वीरें और विडियो क्लिप्स आने लगते हैं। यूजर को कुछ काम दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा नहीं करने पर उसे धमकाया जाता है। धमकी से डरकर यूजर खुदकुशी करने को मजबूर हो जाता है।

कैसे समझें चुनौती का चक्कर और क्या उठाएं कदम?

जरूरी है कि अगर घर पर बच्चे हों तो उन्हें अज्ञात नंबरों पर बात करने से रोका जाए। बच्चे की आदतों में हो रहे बदलाव को भी महसूस करें। वह खुद में खोया रहे, शांत या गुमसुम बना रहे, अचानक खाना-पीना छोड़ दे, तो तुरंत मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लें।

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