जब किसी ने नहीं सुनी तो खुद ग्रामीणों ने उठा लिया फावड़ा-तगाड़ी

ट्रैक्टरों से मुख्य मार्ग में मुरुम डाल कर किया मरम्मत शुरू

पखांजूर:नक्सली क्षेत्र कोयलीबेड़ा- अंतागढ़ मार्ग कई वर्षों से जैसा का तैसा पड़ा हुआ है ना ही वहाँ कोई विकास होता है और ना ही नया सड़क निर्माण। कई बार अफसरों तक अपनी बात रख चुके गाँव वालों ने खुद तय किया कि वो सड़क निर्माण करेंगे।

सुलंगी गांव के लोगों ने अपने ट्रैक्टरों से मुख्य मार्ग में मुरुम डाल कर मरम्मत शुरू कर दिया और देखते ही देखते खुद के प्रयास से श्रम दान कर पूरे 10 किलोमीटर तक सड़क की मरम्मत कर डाली।

गांव के लोग सड़क के लिए कई बार अफसरों तक अपनी बात रख चुके थे। लेकिन न तो उन्होंने सुनी और न ही जनप्रतिनिधियों ने तंग आकर गांव के लोगों ने फिर क्या था हाथों में फावड़ा और तगाड़ी उठा ली।

ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ट्रैक्टरों से मुरुम सड़क में बिछाने लगे…देखते ही देखते सड़क के सभी गड्ढे भर गए। सड़क के गड्ढे भर तो जरूर गए पर लोगों का शासन और प्रशासन के प्रति लोगों में जमकर आक्रोश दिखाई दे रहा है।

इस व्यवस्था को देखे कर आपको भी अच्छा महसूस नही हो रहा होगा…तो सोचिए वहां के रहने वाले लोगों पर क्या गुजरती होगी। लोगों की नाराजगी जायज पर शासन और प्रशासन यदि इस और ध्यान देता तो तो इस नक्सल प्रभावित अंतागढ़ कोयलीबेड़ा क्षेत्र में निवासरत आदिवासी लोगों के लिए अच्छा संदेश जाता।

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