राष्ट्रीय

अनलॉक-4 में स्कूल-कॉलेज खुलेंगे या नहीं-स्वास्थ्य मंत्रालय का आया जवाब

देश में कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज़ों की संख्या सक्रिय मामलों से 3.4 गुना ज़्यादा है।

दिल्ली, भारत। इस साल 2020 के शुरूआत से ही पूरी दुनिया एक नई बीमारी ‘कोरोना वायरस- के संकट से जूझ रही है। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के चलते भारत में कुछ महीने तक लॉकडाउन भी किया और फिर देश में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की, फिलहाल देश में अभी तीसरे चरण का अनलॉक जारी है, जिसकी मियाद 31 अगस्‍त को खत्‍म होने के बाद 1 सितंबर से अनलॉक- 4 शुरू हो जाएगा और हर चरण के लिए गृह मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी की जाती है।

स्कूल-कॉलेज पर मंत्रालय का जवाब :

वैसे भारत में धीरे-धीरे करके सभी सुविधाएं नए नियमों के साथ शुरू हो रही है, क्‍योंकि देश में महामारी कोरोना का प्रकोप थमने का नाम ही नहीं ले रहा हैै, तमाम कवायदों के बाद भी रोजना हजारों की संख्‍या में मरीजों की पुष्टि हो रही हैै। इसी बीच देश में अनलॉक-4 की शुरुआत होने से पहले स्‍कूल-कॉलेज की गतिविधियों को खोला दिया जाएगा, इसकी खबरे काफी चर्चा में चल रही और सबकी नजरें सरकार के इस फैसले पर टिकी थी, लेकिन इस बारे में अनलॉक-4 की गाइडलाइंस से पहले आज मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले ही इसका जवाब देते हुए स्कूल और कॉलेज खुलेंगे या नहीं इस सस्‍पेंस पर ये बात कही।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा :

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि, अनलॉक को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस में स्कूल और कॉलेज के खोलने से संबंधित कोई निर्देश नहीं हैं। राजेश भूषण ने कहा कि देश में जो भी गतिविधियां खोली जा रही हैं उसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय एसओपी जारी करती है, जब भी स्कूल और कॉलेज को खोलने का निर्णय होगा तो वो एसओपी प्रभाव में आएगा और उसको लागू किया जाना होगा।

कोरोना स्थिति पर सचिव राजेश भूषण ने दी ये जानकारी :

देश में अब तक 3.6 करोड़ से ज़्यादा कोरोना सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
पॉजिटिव दर घटकर 8.60% हो गई है और यह गिरावट ज़ारी है।
भारत में कोरोना के कुल मामलों में सक्रिय मामले महज़ 22.24 फीसदी हैं।
देश में COVID-19 से पूर्णतया ठीक होकर घर जाने वाले मरीज़ों का आंकड़ा 24 लाख पार कर चुका है।
तो वहीं रिकवरी रेट 75% से अधिक हो गया है।
देश में कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज़ों की संख्या सक्रिय मामलों से 3.4 गुना ज़्यादा है।

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