अमेरिका ने दिखाई सख्ती, कहा- यह समय उत्तर कोरिया से बात करने का नहीं

वॉशिंगटन: अमेरिका का कहना है कि यह समय, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर लगातार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण करने वाले और अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे उत्तर कोरिया से बात करने का नहीं है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम स्पष्ट रूप से मानते हैं कि यह समय बात करने का नहीं है’’ उन्होंने यह जवाब इस सवाल पर दिया कि क्या अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ फिर से बातचीत की कोशिश कर रहा है सैंडर्स ने कहा कि जो बातचीत हुई है या जो हो रही है वह केवल हिरासत में लिए गए अमेरिकियों को वापस लाने पर ही होगी उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया से केवल इसी विषय पर चर्चा की जाएगी साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय उत्तर कोरिया से कोई बातचीत नहीं की जाएगी फिलहाल उत्तर कोरिया में तीन अमेरिकी हिरासत में हैं हालांकि सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका, उत्तर कोरिया पर राजनयिक दबाव बनाना जारी रखेगा. उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर कोरिया पर राजनयिक दबाव बनाए जाने का दृढ़ता से समर्थन करते हैं, जो हम लगातार बना भी रहे हैं, लेकिन अब उत्तर कोरिया के साथ केवल बातचीत करते रहने का समय नहीं है’’ अमेरिका ने अपने सभी सहयोगियों एवं भागीदारों से भी इस दिशा में और कदम उठाने को कहा है.

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने (1 अक्टूबर) को अपने विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को आगाह किया था कि उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का अर्थ ‘समय बर्बाद’ करना है. उन्होंने कहा कि वह अपने पूर्ववर्तियों बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा की तरह इस मुद्दे पर विफल नहीं होंगे. ट्रंप ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा था, “मैंने अपने बेहतरीन विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन से कहा कि वह ‘लिटल रॉकेट मैन’ के साथ बातचीत कर समय बर्बाद कर रहे हैं. अपनी ऊर्जा बचाएं रेक्स, हम वहीं करेंगे जो करना चाहिए.” उन्होंने लिखा, “रॉकेट मैन के साथ अच्छा व्यवहार पिछले 25 साल में काम नहीं आया, तो अब कैसे काम आएगा? क्लिंटन विफल रहे, बुश विफल रहे और ओबामा विफल रहे. मैं विफल नहीं होउंगा.” ट्रंप ने पहले भी उत्तर कोरिया के नेता को ‘रॉकेट मैन’ कह कर संबोधित किया है.

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