सफेद शेर की मौत पर मो. अकबर गंभीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ली जानकारी

अंकित मिंज:

बिलासपुर: प्रदेश के वन मंत्री मो. अकबर सोमवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान कानन पेंडारी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सफेद शेर की मौत को लेकर गंभीरता दिखाते हुए वन विभाग के अफसरों से बंद कमरे में बारी -बारी से अनेक सवाल किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर शेर की मौत से संबंधित जानकारी ली।

वन मंत्री ने कहा शेर की मौत प्रकरण में प्रथम दृष्टया अफसरों द्वारा जानकारी दी गई कि सांप के काटने से हुआ है। वन मंत्री ने पूछा सांप ने शेर के शरीर के किस जगह को काटा था क्या उसका निशान मिला है तब वन अफसरों ने बड़ी चालाकी से जवाब दिया कि शेर के शरीर में अधिक बाल था जिसके कारण निशान नहीं मिल पाया।

रजिस्टर मेंटेंन नहीं था

वन मंत्री ने कानन पहुंचते ही वन अफसरों को कड़े तेवर अपनाते हुए कहा यहां कब किन-किन जानवरों की मौत हुई है। सफेद शेर की मौत का कारण पूछा तक डाक्टर पी के चंदन ने कहा सांप काटने से मौत हुई है।

रजिस्स्टर में बड़ी खामियां मिली। रजिस्टर में शेर के मौत की जानकारी नोट नहीं किया गया था। तब मंत्री कहा ऐसे चला रहे हो कानन पेंडारी अफसरों को फटकार लगाई और वाइल्ड लाइफ सीसीएफ कौशलेन्द्र सिंह को रजिस्टर को जब्त करने का आदेश दिए।

22 चीतलों की मौत पर दी गलत जानकारी

कानन पेंडारी में 2014 को 15 जनवरी को 22 चीतलों की मौत हो गई थी। घटना के दिन, दिन भर मशक्कत करने के बाद रात्रि आठ बजे दुर्ग वेटनरी कालेज के डाक्टरों ने चीतलों की मौत एंथ्रेक्स से होने की जानकारी दी जिसकी जांच करने के लिए देहरादून भेजा गया।

वहां से 25 दिन बाद रिपोर्ट आई उसमें यह जानकारी दी गई कि चीतलों की मौत एंथे्रक्स से नहीं हुई थी। वन मंत्री के तेवर को देख अफसरों से कह दिया चीतलों की मौत एंथ्रेक्स के कारण हुई थी।

3 डाक्टरों व कर्मियों से पूछताछ की

वन मंत्री ने अफसरों से कहा इस मामले में डाक्टर सहित कुछ अधिकारियों से बंद कमरे में पूछताछ करुंगा। वे डाक्टर पी के चंदन, डॉ. पीयूष और एक के सिन्हा को बंद कमरे में बारी बारी बुलाकर पूछताछ की।

इसके बाद डीएफओ संदीप बगला सहित कानन के चार कर्मचारियों से अलग अलग बयान लिया। बंद कमरे में तखतपुर विधायक रश्मि सिंह भी मौजूद थीं।

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