अंतर्राष्ट्रीय

WHO का मानना, कोरोना का खतरा वैक्सीन बनने के बाद भी रहेगा बरकरार

सोशल मीडिया इवेंट में बोलते हुए WHO के शीर्ष आपातकालीन विशेषज्ञ माइक रेयान ने कहा

जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानना है कि वैक्सीन इतनी मात्रा में उपलब्ध नहीं होगी कि सभी को टीके लगाए जा सकें, इसलिए कोरोना का खतरा वैक्सीन बनने के बाद भी बरकरार रहेगा. WHO के शीर्ष आपातकालीन विशेषज्ञ माइक रेयान ने बुधवार को कहा कि वैक्सीन इतनी मात्रा में उपलब्ध नहीं होगी कि सभी को लगाई जा सके. हमें कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए मौजूदा उपायों को जारी रखना होगा.

सोशल मीडिया इवेंट में बोलते हुए माइक रेयान ने कहा, ‘वैक्सीन तैयार होने के बाद भी हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि कोरोना का खतरा कम हो जाएगा. क्योंकि शुरुआत में पर्याप्त संख्या में वैक्सीन का उत्पादन मुश्किल है, इसलिए कोरोना से बचने के लिए हमें सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने जैसे उपायों को अमल में लाना जारी रखना होगा’. हमें रुकना नहीं है उन्होंने आगे कहा कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए अगले तीन से छह महीनों में हमें पर्याप्त संख्या में वैक्सीन नहीं मिलने वाली है.

WHO ने नवंबर के मध्य तक ह्यूमन ट्रायल स्टेज में 49 कैंडिडेट वैक्सीन की पहचान की है. ब्रिटेन द्वारा फाइजर और बायोटेक की कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी देने पर खुशी जाहिर करते हुए रेयान ने कहा कि ये बहुत अच्छी खबर है, लेकिन हमें रुकना नहीं हैं. हमें 3-4 वैक्सीन और चाहिए.

MASK सबसे जरूरी वैक्सीन की कीमतों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें उत्पादन बढ़ाने और कीमतें कम रखने की ज़रूरत है. हमें वन-डोज वैक्सीन चाहिए.’ WHO ने कहा है कि लोगों से मास्क पहनने की अपील भी की है. स्वास्थ्य संस्था का कहना है कि कोरोना संक्रमण को सीमित करने के लिए मौजूदा उपायों को जारी रखना होगा, जिसमें मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग सबसे अहम हैं.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button