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डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने हिंदी में ट्वीट करके भारत को शुक्रिया कहा, जानिए क्या है मामला?

इस ट्वीट में डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका का भी शुक्रिया अदा किया है।

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख टेड्रोस एडहानॉम में मंगलवार को हिंदी भाषा में एक ट्वीट करके सबको चौंका दिया। हिंदी भाषा में डब्ल्यूएचओ प्रमुख द्वारा किया गया ट्वीट भारत सरकार द्वारा उठाए गए उस कदम के लिए था, जिससे कोरोना प्रभावित सभी विकासशील देशों में सुलभ और सस्ती दवा और वैक्सीन पहुंचाई जा सके। इस ट्वीट में डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका का भी शुक्रिया अदा किया है।

डब्लयूएओ प्रमुख हिंदी भाषा में अपने ट्वीट में लिखा, धन्यवाद भारत और दक्षिण अफ्रीका, बौद्धिक संपदा के मुद्दे पर कोविड-19 के संदर्भ में पुनर्विचार के सुझाव के लिए ताकि वैक्सीन, दवा आदि कम दाम पर उपलब्ध कराए जा सके, ये एक सराहनीय कदम है।

गौरतलब है अक्टूबर महीने की शुरूआत में भारत सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से कहा था कि विकासशील देशों के लिए कोरोनावायरस की दवाओं और टीके के निर्माण और उनके आयात को सरल बनाने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों (Intellectual Property Rules) को थोड़े वक्त के लिए दरकिनार करें। 2 अक्टूबर को डब्ल्यूएचओ लिखे गए एक पत्र में भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका ने बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार संबंधित पहलुओं पर समझौते के हिस्से में छूट देने का आह्वान किया था।

डब्ल्यूटीओ की वेबसाइट पर प्रकाशित पत्र में कहा गया है कि नए डायग्नोस्टिक के रूप में कोरोनावायरस के लिए मेडिकल व्यवस्था और वैक्सीन विकसित किए गए हैं। दोनों देशों ने कहा कि विकासशील देश महामारी से प्रभावित हैं और पेटेंट सहित बौद्धिक संपदा अधिकार उनके लिए सस्ती दवा की उपलब्धता में बड़ी बाधा बन सकते हैं।

गौरतलब है पूरी दुनिया में अब तक 4 करोड़ से अधिक लोग कोरोनावायरस की चपेट में हैं और करीब 11 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी दुनिया में 40 से अधिक वैक्सीन कैंडीडेट्स पर काम चल रहे हैं और कई ऐसे वैक्सीन कैंडीडेट्स हैं, जो मानव परीक्षण के अंतिम दौर में चल रहे हैं और माना जा रहा है कि 2020 के अंत तक वैक्सीन की उपलब्धता संभव है और फरवरी 2021 तक वैक्सीन की बाजार उपलब्धता संभव हो सकती है।

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