कौन है कंचन, जाने आईपीएस मयंक श्रीवास्तव ने किसे कहा थैक्यू….

- अनुराग सिंह

कोरबा। गुमिया स्कूल की दूसरी कक्षा की छात्र कंचन को अब लिखने पढ़ने में परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। बता दें हाथ की दोनों उंगलिया जुडेÞ होने से कंचन को लिखने में परेशानी हो रही थी। अब छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी की मदद से आॅपरेशन कर डाक्टरों ने दोनों उंगलियों को अलग-अलग कर दिया है।

दरअसल बीते दिनों जिले के पुलिस काप्तान मयंक श्रीवास्तव डॉ. कलाम शिक्षा गुणवत्ता मिशन के अंतर्गत ग्राम गुमिया के शासकीय प्राथमिक शाला के निरीक्षण में पहुंचे थे। जहां उनकी नजर दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची कंचन पर गई। बच्ची की बीच की दो उंगली आपस में जुड़ी हुई थी, जिससे बच्ची को काफी परेशानी होती थी, पूछने पर बच्ची ने जब अपनी परेशानी पुलिस अधीक्षक को बताई तो उन्होंने बच्ची के इलाज का आश्वासन दिया।

एसपी की पहल पर बच्ची के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी आगे आई। संस्था के कार्यकर्ताओं ने कंचन के गांव गुमिया जा कर उन्हें समझाया व इलाज के लिए प्रेरित किया। घरवाले भी इलाज लिए तैयार हुए। घरवालों ने बताया कि उनके स्मार्ट कार्ड में मात्र 15,000 की राशि बची हुई थी और आॅपेरशन में ज्यादा खर्च हो रहा था, तब बाकी का खर्च संस्था ने वहन करने का फैसला किया।

कोरबा स्थित सृष्टि हॉस्पिटल में डॉ. बृजलाल कवाची ने कंचन का सफलता पूर्वक आॅपेरशन किया गया। जिसके बाद अब इस बच्ची के दोनों उंगलियां अलग कर दी। बच्ची अब स्वस्थ है और 16 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक ने बच्ची से भेंटकर उसका हाल जाना। कंचन अब बहुत खुश है वहीं बच्ची के उपचार में आगे आने के लिए एसपी मंयक श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसाइटी को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया है।

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