सेक्स एंड रिलेशनशिप

… आखिर क्यों पसंद आते माता-पिता को हैं NRI दूल्हे?

नई दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत आने वाली इकाई भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) देश में मौजूद एनआरआई (प्रवासी

भारतीय) दुल्हनों पर शोध करने की योजना बना रही है.

आईसीएसएसआर अध्यक्ष बी बी कुमार ने पीटीआई को बताया, “प्रवासी भारतीय पुरुषों का अपने देश आकर शादी करने का चलन काफी पुराना है लेकिन ऐसी शादियां

हमेशा सफल नहीं होतीं. ऐसे बहुत से मामले हैं जब दूल्हे ने अपनी दुल्हन को यहां छोड़ दिया या अपने बारे में गलत जानकारी दी.”

उन्होंने बताया, लेकिन हमारे पास ऐसा कोई शोध नहीं है जो यह बताए कि इस तरह की कितनी शादियां देश में हुईं और कुछ साल के बाद इन शादियों की स्थिति क्या है. उन

लड़कियों का क्या हुआ जिनके साथ एनआरआई दुल्हन बनाने के बहाने धोखा हुआ? क्या हमें कड़े मानदंड की जरूरत है? इन सारी बातों का अध्ययन किए जाने की जरूरत है.

अनुसंधान परिषद ने अभी तक इस शोध प्रोजेक्ट को स्वीकृत नहीं किया है और इस विषय की जांच की जा रही है. कुमार ने बताया कि जैसे ही इसकी व्यावहारिकता का अध्ययन

और इस संबंध में प्रारंभिक सामग्रियां उपलब्ध हो जाती हैं, यह प्रोजेक्ट मंजूर कर दिया जाएगा और इससे जुड़ा काम शुरू हो जाएगा.

कुमार ने कहा, माता-पिता को प्रवासी दूल्हे क्यों आकर्षित करते हैं? विदेश में फैंसी लाइफस्टाइल के अलावा कौन सी अन्य चीजों पर वह विचार करते हैं? हम लोग

जानकारियां कैसे सत्यापित करेंगे? शोध के दौरान इन सभी कारकों का भी आकलन किया जाएगा.

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *