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छठ घाटों का निरीक्षण करने अलग-अलग क्‍यों गए नीतीश कुमार ओर सुशील मोदी?

पटना: बिहार की राजधानी पटना के ज़िला प्रशासन को छठ पर्व की तैयारी को लेकर रविवार को धर्म संकट का सामना करना पड़ा क्‍योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अलग-अलग घाटों का निरीक्षण किया. जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्टीमर से दानापुर के नासरीगंज से पटना सिटी के कंगन घाट तक गए वहीं सुशील मोदी ने पटना शहर में ही आधा दर्जन घाटों का दौरा किया. जहां ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का छठ पर्व के मद्देनज़र ये दूसरा दौरा था लेकिन वो घाटों को दूर से देख कर ही स्टीमर पर मौजूद सभी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों से लेकर ज़िला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते रहे. रविवार को उन्होंने तैयारी पर संतोष प्रकट किया. नीतीश के साथ भाजपा नेता और पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव और ललन सिंह भी मौजूद थे.

वहीं सुशील मोदी के घाट भ्रमण के समय ज़िलाधिकारी के अलावा नगर निगम के कुछ अधिकारी मौजूद थे. मोदी की विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने सुझाव और निर्देश कई सारे दिये जिसमें कहा गया कि महापर्व छठ की शुरुआत से पहले उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजधानी के गांधी घाट से शुरू कर आधा दर्जन घाटों की सुरक्षा, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, महिलाओं के लिए चेंजिंग एनक्लोजर और पहुंच पथ आदि की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को सारी सुविधाओं को फूलप्रूफ बनाने के निर्देश दिये.

सूाशील मोदी के अनुसार इस साल छठ घाटों पर डॉक्टरों की 120 टीमें तैनात रहेंगी और उनकी सहायता के लिए 211 पारा मेडिकल स्टाफ और 33 एंबुलेंस को लगाया जाएगा. पर्व के दौरान किसी तरह की अफवाह न फैले, इसलिए सही जानकारी के लिए सूचना तंत्र को हाईटेक करते हुए मोबाइल ऐप जारी किये गए हैं. GPRS नैविगेशन सिस्टम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. पूजन-सामग्री से कचरा न फैले, इसके लिए स्थान तय किये गए हैं. दमकलों को हर वक्त तैयार रहने को कहा गया है.

मोदी ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े छठ पर्व की सारी व्यवस्था प्रकाश पर्व के उच्चतम मानक पर की जाएगी. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के 23 तालाबों को अर्घ्यदान के लिए उपयुक्त बनाया जा रहा है. अर्घ्यदान के दौरान होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए वाटर एम्बुलेंस, NDRF और SDRF की टीमें तैयार रहेंगी. 200 नावें रिवर पेट्रोलिंग में लगायी जा रही हैं.

साफ़ है कि भाजपा की रणनीति है कि पहले की तरह किसी सफल आयोजन का पूरा श्रेय अब नीतीश कुमार को ना लेने दिया जाए. भाजपा के नेता मानते हैं कि प्रकाश पर्व के दौरान जैसे पूरे विश्व में नीतीश कुमार ने वाहवही बटोरी वैसे में उनका प्रयास होगा कि लोगों के बीच भाजपा के नेताओं की सक्रियता और उनके विभाग की उपलब्धियां जाएं. हालांकि वो मानते हैं कि नीतीश को मात देना उनके लिये आसान नहीं होगा क्योंकि वो किसी भी तैयारी की बारीकियों में बहुत जाते हैं जो भाजपा के नेता नहीं कर पाते.

रविवार को पाटलिपुत्र के सांसद व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और पटना साहेब से भाजपा के इन दिनों नाराज़ चल रहे बिहारी बाबू शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने भी घाटों का दौरा किया.

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छठ घाटों का निरीक्षण
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