छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने क्यों बिदकने लगे निवेशक, एक्सपोज करेगा क्लिपर28

पीएम की फ्लैगशिप योजना में सरकार के निगम मंडल साबित हो रहे सफेद हाथी

राययुर। छत्तीसगढ़ में निवेशकों को लुभाने के लिए सरकार के भारी भरकम निगम भले ही करोड़ रुपए खर्च कर दिए हों पर जमीनी हकीकत इससे एकदम उलट है। नए निवेशकों का छत्तीसगढ़ आना तो दूर निवेशक अब छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के नाम से ही बिदकने लगे हैं। वे बातचीत करने को भी तैयार नहीं है।

बता दें कि प्रदेश में इन दिनों औद्योगिक क्षेत्र की व्यवस्था और हालात बद से बदतर हो गए हैं। अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र जहां अव्यवस्था की मार में बंद हो चुके हैं, वहीं बहुत से उद्योग बंद होने की कगार में हैं। ऐसे में राज्य के औद्यौगिक विकास निगम के अध्यक्ष और अधिकारियों के प्रदेश में औद्योगिक व्यवस्था के दुरुस्त होने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।

लाखों-करोड़ों रुपए प्रचार-प्रसार और विदेश भ्रमण में फूंकने के बाद भी राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के लिए निवेशकों का कोई इंट्रेस्ट नहीं दिख रहा है। क्लिपर28 के अन्य राज्यों में पदस्थ संवाददाताओं की रिपोर्ट माने तो फिलहाल निवेशकों का छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर कोई संभावना व दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में उद्योग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।

इन तमाम सवालों के जवाब जानने जब क्लिपर 28 की टीम ने सीएसआईडीसी के अध्यक्ष छगन मूंदड़ा से चर्चा की तो वे अपने विभाग के पक्ष व बचाव में बयान देते नजर आए। दरअसल आखिर एक विभाग के अध्यक्ष अपने ही विभाग की खामियों को कैसे मीडिया के सामने एक्सपोज कर दें। कुछ ऐसी ही अवस्था में अध्यक्ष छगन मूंदड़ा नजर आए। उन्होंने क्लिपर के सवांददाता को विभाग की उपलब्धियां तो गिनाई, लेकिन खामियों पर पर्दा डालते रहे। अब उद्योग भवन के विकास की गाथा और अध्यक्ष की बातों में कितनी सच्चाई है, ये खुलासा भी जल्द हो ही जाएगा। क्लिपर28 अपने पड़ताल के अगले चरण में औद्योगिक क्षेत्र में फैली अव्यवस्था के खिलाफ पूरी रिपोर्ट के साथ एक्सपोज करेगा। इंतजार करिए क्लिपर 28 की अगले चरण में उद्योग विभाग की अव्यवस्था पर एक्सपोज का।

advt
Back to top button