राष्ट्रीय

अन्ना के गांव में क्यों है सामूहिक आत्मदाह तैयारी, किस पर गुस्सा, क्या है वजह…पढ़े पूरी खबर

रामलीला मैदान में भले ही अन्ना के अनशन में भीड़ नजर नहीं आ रही है मगर रालेगण सिद्धि में लोग अन्ना के साथ है। उनकी नाराजगी अब इस कदर बढ़ गई है कि अन्ना हजारे के गांव में लोगों ने सराकरी अधिकारियों को गांव से बाहर निकाल दिया है।

नई दिल्ली। रामलीला मैदान में भले ही अन्ना के अनशन में भीड़ नजर नहीं आ रही है मगर रालेगण सिद्धि में लोग अन्ना के साथ है। उनकी नाराजगी अब इस कदर बढ़ गई है कि अन्ना हजारे के गांव में लोगों ने सराकरी अधिकारियों को गांव से बाहर निकाल दिया है। लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है।

समाजसेवी अन्ना हजारे पिछले सात दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार न तो किसानों की समस्याओं पर ध्यान दे रही है और न ही लोकपाल को गंभीरता से ले रही है। बता दें कि गांव वालों ने स्थानीय सांसद और बीजेपी के नेता का घेराव करने की योजना भी बनाई है।

“मेरा गांव मेरा देश”, आज तक का अल्टीमेटम

बता दें कि दिल्ली के रामलीला मैदान पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ समाजसेवी और गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के गांव में सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पिछले सात दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अन्ना हजारे भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

अन्ना के गांव रालेगण सिद्धि में नाराज लोग सरकारी अधिकारियों को गांव से बाहर निकाल रहे हैं। गांव वालों ने धमकी देते हुए कहा है कि यदि गुरुवार तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो वे लोग सामूहिक आत्मदाह कर लेंगें। बता दें कि रालेगण सिद्धि के गांव वाले “मेरा गांव मेरा देश” की तर्ज पर अन्ना हजारे का समर्थन कर रहे हैं।

सरकारी अधिकारियों को गांव से निकलने का सुनाया फरमान

गौरतलब है कि रालेगण सिद्धि के लोगों ने सरकार से नाराज होकर पुलिस वालों से भी थाना छोड़कर गांव से बाहर जाने को कह दिया है। गांव वालों ने कहा है कि गुरुवार तक सभी सरकारी अधिकारी गांव छोड़कर चले जाएं।

गांव वालों का कहना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार समाज सेवी अन्ना हजारे के मांगों को पूरा नहीं कर सकती तो हम भी सरकार और सरकारी अधिकारियों का सम्मान नहीं कर सकते हैं।

Tags

advt

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.