शादी में क्यों लगाई जाती है दुल्हा-दुल्हन को हल्दी, जानिए इसकी असली वजह

अगर शादी में हल्दी की रसम ना हो तो इसे अधूरा माना जाता है

आपके घर में किसी की शादी हो, किसी रिश्तेदार के यहां शादी हो या फिर आपके किसी दोस्त की शादी हो… हल्दी की रस्म के बिना शादी की रस्में अधूरी मानी जाती हैं। शादी से ठीक पहले दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर शादी में हल्दी का इतना महत्व क्यों है..

क्लियर और ग्लोइंग स्कीन

पुराने जमाने में जब ब्यूटी पार्लर, सलौन और कॉस्मेटिक ब्यूटी ट्रीटमेंट का चलन नहीं था उस वक्त शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन को खूबसूरत बनाने के लिए हल्दी का इस्तेमाल होता था।

दरअसल, हल्दी में ऐसी कई प्रॉपर्टीज होती हैं जो आपकी स्किन को क्लियर और ग्लोइंग बना देती है। यही वजह है कि चेहरे के साथ-साथ हाथ-पैर भी हल्दी लगाने की परंपरा है ताकि दूल्हा-दुल्हन शादी वाले दिन लगें सबसे खूबसूरत।

त्वचा पर न हो कोई दाग-धब्बे

अपने औषधीय गुणों के साथ-साथ ऐंटिसेप्टिक के तौर पर भी जानी जाती है हल्दी। शादी से ठीक पहले दूल्हा-दुल्हन को इसलिए भी हल्दी लगाई जाती है ताकि उनकी स्किन पर किसी भी तरह के दाग-धब्बे न हों। साथ ही कपल को किसी भी तरह के चोट या बीमारी से बचाने का काम भी करती है हल्दी।

डीटॉक्स हो जाती है स्किन

शादी वाले दिन खूबसूरत दिखने के लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने शरीर के साथ-साथ स्किन को भी डीटॉक्स कर लें और इसमें आपकी मदद करती है हल्दी। हल्दी, एक्सफोलिएटिंग एजेंट के तौर पर जानी जाती है तो शरीर को साफ करने के साथ-साथ प्योरिफाइ भी करती है।

हल्दी लगने के बाद जब शरीर को पानी से साफ किया जाता है तो स्किन पर मौजूद डेड स्किन सेल्स निकल जाते हैं और आपकी पूरी स्किन डीटॉक्स हो जाती है यानी फिर से पहले की तरह तरो-ताजा बन जाती है।

पीला रंग होता है पवित्र

हल्दी के पीले रंग को भारतीय सभ्यता और संस्कृति में बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि नए जोड़े के लिए अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने के लिहाज से पीला रंग सबसे बेस्ट मना जाता है और इसलिए शादी से ठीक पहले दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। कई जगहों पर तो पीले कपड़े पहनकर ही शादी करने की भी परंपरा है।

1
Back to top button