छत्तीसगढ़

काली मां का खौफ इस आश्रम के बच्चों में क्यों है जानिए

दंतेवाड़ा :  दंतेवाड़ा के गीदम ब्लाक के मोफलनार बालक आश्रम के बच्चे इन दिनों खौफ के साये में जी रहे हैं. बच्चों का मानना है कि रात में सोते वक्त काली मां उनके रूम का दरवाजा खटखटाती हैं. क्योंकि बच्चें ने काली मां की खंडित मूर्ति पर पत्थर मार दिया था.

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक मूर्ति की पूजा की जाती थी, लेकिन अब नही होती है.

आश्रम के अधीक्षक कामता नागवंशी ने बताया कि एक दिन बच्चे पेड़ के नीचे खेल रहे थे. उसी दौरान बच्चों ने मूर्ति के ऊपर खेलते—खेलते पत्थर मार दिया. इसके बाद रात में ही बच्चो के शयन कक्ष का दरवाजा किसी ने जोर जोर से खटखटाया. इससे बच्चे सहित आश्रम के समस्त स्टाफ डरे हुए थे.

घटना के कुछ देर बात आश्रम के भृत्य ने जब दरवाजा खोला और देखा कि जहां मूर्ति रखी हुयी है, उसी पेड़ से लेकर आश्रम के किचन सेड तक आधी रात के बाद दर्जन भर से अधिक दिये जल रहे थे. दिये जलते देख आश्रम के बच्चे सहित स्टाफ दहशत में आ गए.

कई बच्चों ने उसके बाद भी कई दिनों तक दरवाजा खटखटाए जाने की आवाज सुनी.

करीब एक महीने पहले हुई इस घटना के बाद बच्चे खौफ के साये में जी रहे हैं. आलम यह है कि रात में बच्चों को शौच जाने में भी डर लगता है. अब ग्रामीणों का कहना है कि जहां मूर्ति रखी हुयी है, वहां एक मंदिर का निर्माण करना चाहिए. देवी की पूजा—अर्चना के बाद वे खुश हो जाएंगी.

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आश्रम के बच्चों
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