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अयोध्या में मंदिर बनाने वाली पार्टी काशी में पौराणिक मंदिरों को क्यों तोड़ रही है : अविमुक्तेश्वरानंद

खबरीलाल रिपोर्ट

रायपुर : ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा ज्योतिष पीठ के प्रभारी दंडी स्वामी अविकुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म प्रदेश के संत मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यह पूछा कि अयोध्या में मंदिर बनाने वाली पार्टी काशी में पौराणिक मन्दिरों को क्यों तोड़ रही है ? इन पौराणिक मंदिरों में देवी देवताओं के वास हैं और समूचे सनातन धर्मी तथा काशी वासी इन मंदिरों में पूजा अर्चना करते हैं।

यदि शासन एवं प्रशासन ने इसे बंद नहीं किया तो देवी देवताओं के वास काशी में कहां होगा। ऐसे में काशी नगरी देवी देवता विहीन हो जाएंगे। श्रद्धालुओं और भक्तों के आस्था से ऐसा खिलवाड़ क्यों और किसलिए ? विकास इन पौराणिक मंदिरों को बिना तोड़े भी अलग रास्ता अपनाकर किया जा सकता है। स्वामी अविकुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी एवं मोदी जी से अपील किये हैं – योगी मोदी जी जिद्द छोड़ो, मोद प्रमोद विनायक जोड़ो।

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मूर्ति तोड़ने वाला भी हिन्दू है और मूर्तियों से अपने आपको जोड़ने वाला भी हिन्दू हैं तो मुझे हिन्दूओं को दो भेद मानने ही होंगे – एक मूतो (मूर्ति तोड़ने वाला) हिन्दू और दूसरा मूजो (मूर्ति से स्वयं को जोड़ने वाला) हिन्दू, तब कहना होगा कि यह संघर्ष ‘मूतो हिन्दू बनाम’ मूजो हिन्दू के बीच है। इस संघर्ष को आप ही रोक सकते हैं।

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