क्यों उपेक्षित है यह जगह ?

खबरीलाल की पड़ताल

रायपुर : रायपुर के पंडित रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पीछे स्थित खेल का मैदान पूरा मुरुम से पटा हुआ है। वहां विद्यार्थी / बच्चे सब खेलते हैं और वहीं से रेडियंट वे स्कूल जाने का रास्ता है जो सुबह खुलता है और शाम 5:30 /6:00 बजे गेट बंद हो जाता है। इस सुबह और शाम के बीच गाड़ियाँ वहाँ से गुजरती है और लाल धूल ऐसे वातावरण में उड़ता है कि सामने का कुछ न तो दिखता है और न ही वहाँ से गुजरने वाले, खिलाड़ी उस धूल से बच पाते हैं। यहाँ खबरीलाल का प्रश्न है कि कब प्रशासन की नज़र इस तरफ पड़ेगी ? कब पं रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रबंधन इस ओर ध्यान देंगे ? क्या इसी तरह धूल खाने और कपड़े गंदे होने के लिए इन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है ? कौन इसकी सुध लेगा ?

फ़ोटो को ध्यान से देखेंगे तो पता चलेगा किस तरह धूल यहाँ उड़ते हैं ? शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि मैदान के किनारे से डामर रास्ते का निर्माण करे जिससे स्कूल, कॉलेज और अन्य लोग उस रास्ते का इस्तेमाल जिससे धूल नहीं उड़ेगी साथ ही मुरुम मैदान में घास उगाने का प्रयास भी हो जिससे खिलाड़ियों, विद्यार्थियों को कोई गंभीर चोट न लगे। खबरीलाल का कार्य यही है की शासन, प्रशासन को असलियत से सामना करवाये और उस पर कार्यवाही हो। यदि इसी तरह धूल उड़ेंगे तो लोगों को एलर्जी, खासी, सांस की बीमारी इत्यादि से कोई नहीं रोक पायेगा।

शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन इस ओर अवश्य ध्यान दें ताकि धूल न उड़े और वहां हरियाली के साथ रास्ता भी बने।

advt
Back to top button