रेत, मुरूम, गिट्टी, बजरी जैसी गौण खनिजों पर रमन टैक्स क्यों ? : कांग्रेस

गौण खनिज नीति बनाने के मामले में सरकार के मन में चोर है यह बात साबित हो गयी

रायपुर : भाजपा सरकार की गलत नीति का खामियाजा राज्य की आमजनता को भुगतना पड़ रहा है, अच्छे दिनों का वादा कर सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही महंगाई के चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने रमन सरकार पर तीखा हमला करते हुये कहा है कि संपत्ति कर में 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद भी भाजपा सरकार ने 8 अक्टूबर 2015 को केबिनेट की बैठक में गौण खनिज नीति बनाया था, जिससे सरकार की मंशा साफ दिख रही थी कि जनता को महंगाई की आग में झोकना चाहती थी।

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गौण खनिज नीति बनाने के मामले में सरकार के मन में चोर है यह बात आज साबित हो गयी है। रेत, मुरूम, गिट्टी, बजरी जैसी गौण खनिजों की रायल्टी दरों में बढ़ोतरी से आमजनों को अपने आशियाने (मकान) जैसी मानवीय आवश्यकताओं से वंचित होना पड़ेगा। प्रदेश में शासकीय मुरूम खनन की कोई व्यवस्था नहीं है। संपूर्ण मुरूम की खोदाई अवैधानिक है, जिसे सरकार संरक्षण में एक बड़ा गैंग कार्य को अंजाम देता है। करोड़ रू. के गोरख धंधे की भागीदार रमन सरकार इस पर मौन है। तिवारी ने कहा है कि वर्तमान हालातों में महंगाई के चलते केन्द्र की सरकार ने नये-नये तर्को से जनता की जेब में डांका डाला है। एक देश एक कर की बात कर जीएसटी लगाकर नये सिरे से 28 प्रतिशत तक कर जोड़ दिया गया और अब रमन सरकार ने गौण खनिजों पर रायल्टी बढ़ाया जाना जनता के साथ बेईमानी है।

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