मध्यप्रदेश

पत्नी व दो बेटियों के हत्यारे को मिली फांसी की सजा, मायके जाने से करता था शक

न्यायाधीश ने धारा 302 के तहत दोषी को फांसी की सजा से दंडित किया।

उप संचालक अभियोजन बापूसिंह ठाकुर ने बताया कि 16 जून 2018 की रात बायपास से लगे ग्राम दाउदखेड़ी में नगर कोटवार कन्हैयालाल पिता लक्ष्मीनारायण मीणा (40) ने कुल्हाड़ी से पत्नी गुड्डीबाई (30) और बेटियों सपना (10) व विष्णु (6) की हत्या कर दी थी।

इसकी सूचना आरोपित ने चचेरे भाई गोपाल को दी थी। गोपाल ने भाई राधेश्याम को बुलाया और दोनों आरोपित के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थ।

यहां खून से सने शव देखकर वायडी नगर थाने को सूचना दी। पुलिस ने अनुसंधान कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारकेश्वरसिंह की कोर्ट में प्रकरण में विचारण के दौरान अभियोजन ने आठ साक्षियों के कथन कराए। इसके बाद न्यायाधीश ने धारा 302 के तहत दोषी को फांसी की सजा से दंडित किया।

साथ ही 500 रुपए का अर्थदंड भी दिया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतना होगी।

प्रकरण को जिला स्तरीय कमेटी द्वारा चिन्हित व सनसनीखेज की श्रेणी में रखा गया था। शासन की ओर से प्रकरण का संचालन उपसंचालक अभियोजन बापूसिंह ठाकुर ने किया। प्रकरण का विचारण चार माह में ही पूर्ण हुआ।

बार-बार मायके जाने से चरित्र शंका करता था

अभियोग पत्र में आए तथ्यों के अनुसार कन्हैयालाल की पत्नी बिना बताए बार-बार मायके चली जाती थी। इससे कन्हैयालाल पत्नी पर चरित्र शंका करने लगा था।

इसके आधार पर पत्नी और दोनों बच्चियों को निर्दयतापूर्वक कुल्हाड़ी से गला काटकर मार डाला। दोषी के कृत्य को न्यायाधीश ने विरल से विरलतम श्रेणी में माना।

 

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