घर बचाने पत्नी ने कहा पति का कर दो एनकाउंटर

पुलिस को बदनाम करने साजिश

दंतेवाड़ा। ‘मेरा पति नक्सली है, उसे गिरफ्तार करो चाहे एनकाउंटर कर दो। मैं कुछ नहीं बोलूंगी, लेकिन मेरे घर को मत तोड़ो। आखिर छोटे बच्चों को लेकर बारिश में कहां जाउंगी।” यह दर्द भरी याचिका नक्सली लीडर मिड़कुम राजू के पत्नी पायके की थी। जो अपने आशियाने को बचाने की गुहार पुलिस से लगाती रही।

दरअसल दो दिन पहले सर्चिंग पर निकली फोर्स की मुठभेड़ सूरनार के करीबी जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद फोर्स को पता चला कि मुठभेड़ से पहले और बाद में मिड़कुम राजू अपने घर पहुंचा था। इसके बाद फोर्स गांव के संदिग्धों से पूछताछ के साथ मिड़कुम के घर पहुंची।

आरोप है कि इस दौरान जवानों ने उसके घर में तोड़फोड़ करने के साथ सामानों को बिखेर दिया। मकान के छत पर लगे शेड को भी तोड़ा गया। ग्रामीणों के अनुसार पायके की बात जवानों ने नहीं सुनी और घर को लगातार क्षति पहुंचाते रहे।

गांव के करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने भी फोर्स पर मारपीट का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि फोर्स उन्हें नक्सली कहते मारपीट किया है। इधर मंगलवार की शाम सूरनार के ग्रामीण थाने पहुंच फोर्स की करतूत का खुलासा थानेदार के सामने की। ग्रामीण दोषी जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।

क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य भीमसेन मंडावी ने पुलिस के इस कृत्य को गलत बताते कहा कि मिड़कुम राजू उर्फ हीरालाल को फोर्स गिरफ्तार करें और उसके खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई करें। परिवार और गांव वालों को बेवजह परेशान न करे। ग्रामीणों के मुताबिक रविवार की रात फोर्स गांव में पहुंची थी। मिड़कुम के संबंध में पूछताछ करने लगी। जब कुछ लोगों ने पूछताछ के तरीके का विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गई।

पुलिस को बदनाम करने साजिश

मारपीट और तोड़फोड़ की शिकायत लेकर सूरनार के ग्रामीण मंगलवार की शाम थाने पहुंचे थे। उनकी शिकायत सुनी गई पर रविवार की रात कोई भी जवान सूरनार के बस्ती में नहीं गया था। सूरनार इलाके के जंगल में फोर्स सर्चिंग पर थी पर गांव में नहीं घुसी।

घरों में तोड़फोड़ और मारपीट की घटना में जवान शामिल नहीं थे। ग्रामीणों ने जवानों को पहचाने से इंकार करते कहा कि हथियार लेकर पहुंचे चार जवानों ने अनाज लूटा और तोड़फोड़ करते गांव वालों से मारपीट की है। ग्रामीणों के आवेदन पर मामले की जांच कराई जाएगी। इलाके में फोर्स के दबाव के चलते नक्सलियों की भी यह साजिश हो सकती है। रविवार की सुबह आपूपारा और बिल्लईपारा के जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ भी हुआ था।

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