क्या अब मिल पाएगी भारतीय क्रिकेट के प्रसारण अधिकारों की मोटी कीमत!

बीसीसीआई अब जल्दी ही नई प्रसारण डील की प्रक्रिया शुरू करने वाला है

क्या अब मिल पाएगी भारतीय क्रिकेट के प्रसारण अधिकारों की मोटी कीमत!

श्रीलंका पर तीसरे टी20 में पांच विकेट से जीत के साथ टीम इंडिया ने तो इस साल का अंत शानदार तरीके से कर दिया है क्रिकेट को चलाने वाली संस्था बीसीसीआई अब एक उलझन में फंसी हुई है. यह उलझन है भारत में खेले जाने वाले मुकाबलों के प्रसारण अधिकारों की.

मुंबई में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले के साथ स्टार स्पोर्ट्स की बोर्ड के साथ टेलीकास्ट की छह साल की डील भी खत्म हो गई है. हालांकि यह करार अगले साल 31 मार्च तक है और स्टार अभी कुछ घरेलू मुकाबलों का प्रसारण और करेगा लेकिन व्यवहारिक तौर पर यह डील अब खत्म हो गई है.

बीसीसीआई अब जल्दी ही नई प्रसारण डील की प्रक्रिया शुरू करने वाला है. इसी साल सितंबर में बोर्ड ने स्टार इंडिया को आईपीएल के अगले पांच के लिए मीडिया राइट्स तो रिकोर्डतोड़ कीमत में बेच लिए लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया डील के तहत स्टार समूह के मालिक रुपर्ट मर्डोक ने अपने मीडिया साम्राज्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा डिज्नी को बेच दिया है. डिज्नी के स्पोर्ट्स चैनल ईएसपीएन का करार एक और प्रसारण कर्ता कंपनी सोनी के साथ है. य़ानी अगर प्रसारण के मार्केट के तीन बड़े खिलाड़ी आपस में मिल चुके हैं. बोर्ड के अधिकारियों को आशंका है ऐसे हालात में भारत में खेले जाने वाले इंटरनेशनल क्रिकेट के राइट्स हासिल करने लिए अब वैसा कंपटीशन देखने को नहीं मिले जैसा आईपीएल के लिए देखने को मिला था.

स्टार इंडिया ने आईपीएल के राइट्स खरीदने के लिए बहुत बड़ी रकम दांव पर लगाई थी लेकिन क्या डिज्नी भी उसी एप्रोच के साथ भारतीय क्रिकेट में दिलचस्पी दिखाएगी इस बात को लेकर बोर्ड के अधिकारियों में चिंता जताई जा रही है.

बोर्ड ने अब ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए एक योजना बनाई है. सोनी ने बोर्ड के साथ आईपीएल के दस साल के करार के बीच में ही ईएसपीएन से के साथ करार कर लिया था. ऐसे हालात में बोर्ड ने सोनी से इस बाबत लिखित आश्वासन लिया था. बोर्ड की कोशिश है कि जो भी प्रसारणकर्ता भारत के इंटरनेशनल राइट्स में दिलचस्पी दिखाए उनसे भी इस तरह का आश्वासन लिया जाएगा.

बोर्ड की चिंता इस बात को लेकर भी है कि क्या इस बार प्रति मैच 43 करोड़ रुपए की कीमत मिल पाएगी या नहीं. बोर्ड ने अगले पांच साल के लिए टीम इंडिया का कार्यक्रम तैयार कर लिया है और इसी के आधार पर प्रसारण कर्ताओं से बोली लगवाई जाएगी.

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