छत्तीसगढ़

निरोगी होगी वार्डों की आबोहवा

राष्ट्रीय जड़ीबूती सप्ताह 31 जुलाई से
पतंजलि की पहल रोपे जाएंगे शहर में औषधी पौधे

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. शहर के वातावरण को निरोगी बनाने के लिए पतंजलि योग समिति ने हर साल की तरह इस साल भी 48 वार्डों में औषधी पौधो को रोपेगी। ये ऐसे पौधे हैं जिससे वार्डों की आबोहवा भी बदलेगी और औषधी पौधो के लगाए जाने से ऑक्सिजन की अधिकता होगी। राष्ट्रीय जड़ी बूटी सप्ताह 31 जुलाई से अभियान के तौर पर शुरू किया जाएगा। पतंजलि योग समिति द्वारा गत दस वर्षों से यह कार्यक्रम चला आ रहा है।

खासकर हर साल चार अगस्त को आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर आयोजन किया जाता है। पतंजलि की ओर से प्रति वर्ष 21 करोड़ जड़ी बूटी का पौध रोपण किया जाता है। हरिद्वार में दो जैविक खेती तथा पर्यावरणीय क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों को पांच – पांच लाख का पुरूस्कार दिया जाता है। उक्त जानकारी पतंजलि योग समिति के प्रदेश संयोजक डॉ. मनोज पाणीग्राही ने दी। उन्होंने बताया कि इस कड़ी में प्रादेशिक स्तरीय जड़ी बूटी पौधरोपण का कार्यक्रम मनाया जाता है।

बस्तर में गुरूपूर्णिमा से इसकी शुरूवात सातों जिले से हुई। शहर के सौन्दर्यीकरण के दौरान पेड़ों को होने वाली क्षति की भरपाई के लिए पतंजलि की ओर से कोतवाली से दण्डामी माडिय़ा चौक तक पौधे रोपे गए थे। आज यह वृक्ष के तौर पर छांव दे रहे हैं। अब शहर के 48 वार्डों में पौधरोपण किया जाना है। प्रत्येक वार्ड में पांच पौधे रोपे जाएंगे। यह कार्य बैलाकोठा से शुरू होगा। शहर में औषधिय वाटिका शुरू किया जा रहा है। इस दौरान सात जिलों में पौध वितरण का कार्य किया जाएगा।

इन पांच पौधों में नीम, करण, मौलश्री व जामुन प्रमुख तौर पर होगा। डॉ पाणीग्राही ने बताया कि लोगो को जागरूक करने के लिए उनके अथवा परिवार के सदस्यों के नाम से पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही ऐसे गणमान्य नागरिक जो पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवन भर काम किए उनकी याद में भी पौधे लगाए जाएंगे। इस दौरान विद्यायल और महाविद्यालयीन स्तर पर स्पर्धा होगी। दो अगस्त एमएलबी स्कूल में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता, चार अगस्त महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए तत्कालीन भाषण और वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसी दौरान पुरूस्कार वितरण भी किया जाएगा। पत्रवार्ता में मौजूद पतंजलि समिति

 

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