किसी भी कीमत में देश में बिजली संकट नहीं होने देंगे- कोयला मंत्री

बढ़ा रहे हैं कोल प्रोडक्शन, अब स्थिति नियंत्रण में

बिलासपुर। देशभर के विद्युत संयंत्रों में चल रहे कोयला संकट को लेकर बुधवार को कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी कोल इंडिया के चेयरमेन प्रमोद अग्रवाल के साथ छत्तीसगढ़ पहुंचे। छत्तीसगढ़ की 41 खदानों से कोलइंडिया की कंपनी SECL देश का 20 फीसदी कोयला निकालती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे कोयला उत्पादन बढ़ाने को लेकर मंथन करेंगे और कोरबा में अधिकारियों की बैठक लेकर उत्पादन की समीक्षा करेंगे।

केंद्रीय कोयला मंत्री जोशी बुधवार की सुबह11.30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से सुबह 11 बजे बिलासपुर पहुंचे। उनसे पहले यहां कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल पहुंच गए थे। अग्रवाल ने मीडिया से बात नहीं की, जबकि कोयला मंत्री ने बहुत थोड़ी बातचीत में कहा कि इस समय देश में डिमांड बढ़ गई है और बारिश के कारण खदानों से कोयला निकालने में परेशानी हो रही थी, इसलिए ऐसी स्थिति थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि इस समय बिजली कंपनियों की डिमांड 1.1 मिलियन टन है, लेकिन हमने आज की तारीख में ही 2 मिलियन टन का प्रोडक्शन हासिल कर लिया है। कोयला उत्पादन को लेकर हम पूरी तरह सजग हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस कोयले की कमी को लेकर राजनीतिक माहौल बना रही है, प्रहलाद जोशी ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर राजनीति करनी ही नहीं है।

मंत्री जोशी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) के मेगा प्रोजेक्ट दीपका, गेवरा व कुसमुंडा खदान का दौरा करेंगे। कोयला मंत्री जोशी अधिकारियों की बैठक के बाद दोपहर दोपहर 2:30 बजे वापस गेवरा से बिलासपुर आएंगे। फिर तीन बजे बिलासपुर से विशेष विमान से रांची के लिए रवाना होंगे। गौरलबत हो कि दो माह पहले ही कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने गेवरा खदान का दौरा कर अधिकारियों की बैठक मीटिंग ली थी। इसके अलावा कोयला मंत्रालय की संयुक्त सचिव विस्मिता व निर्देशक तकनीक विनय रंजन भी खदानों का दौरा कर चुके हैं।

कोरोना काल में बिजली की खपत कम होने से घटा उत्पादन

देश में कोयला संकट गहराने का प्रमुख कारण कोरोना काल में उत्पादन कम करने को माना जा रहा है। अफसर बताते हैं कि जिन राज्यों को SECL द्वारा कोयला उपलब्ध कराया जाता है उन राज्यों ने बिजली उत्पादन कम होने के कारण कोल इंडिया से कोयला लेने में आनाकानी की। उनके द्वारा कोयला खरीदी के अनुबंधों का भी नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके चलते SECL को उत्पादन घटाना पड़ गया। छत्तीसगढ़ देश भर की आवश्यकता से 20 फीसदी कोयला सप्लाई करता है। यहां कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी साउथ-इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (SECL) की 41 खदानें हैं। इसमें से ओपन कास्ट खदानों की संख्या अधिक है। यहां से सालाना 150 लाख मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन होता है। कोरबा जिले की ही खदानों से SECL 130 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालती है।

कोयला मंत्री से मिलने पहुंचे भाजपा नेता

बिलासपुर के चकरभाठा एयरपोर्ट पर प्रहलाद जोशी से मिलने सांसद अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी, महिला आयोग की सदस्य हर्षिता पांडेय, विधायक डाक्टर कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। इन्होंने जोशी का स्वागत किया और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर चर्चा की।

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