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29 सूत्री संकल्पों के माध्यम से करेंगे समाज के कार्य

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा में "टीम सेवा संकल्प" का उद्देश्य,नामचीन हस्तियों का जमावडा

रायपुर: अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी समाज की टीम सेवा संकल्प की एक दिवसीय बैठक अंधेरी स्थित माहेश्वरी भवन, मुंबई में 20/11/2019 को आयोजित की गई जिसमें लगभग 400 सम्माननित सदस्य उपस्थित थे। जिसमें 200 व्यक्ति देश के भिन्न भिन्न शहरों और प्रान्तों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आनंद राठी ग्रुप के चेयरमैन आनंद राठी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।

मंच पर सुशोभित प्रमुख हस्तियों में आरआर केबल के संस्थापक पद्मश्री रामेश्वर लाल काबरा, पद्मश्री बंसीलाल जी राठी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जाजू, आनंद राठी ग्रुप के चेयरमैन आनंद राठी,राम कुमार भूतड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राम अवतार जाजु, महामंत्री पद के प्रत्यासी श्याम सुंदर मंत्री, अर्थ मंत्री पद के प्रत्यासी माणिक चंद काबरा, संगठन मंत्री पद के प्रत्याशी कमल भूतड़ा ने अपने विचार रखे तथा माहेश्वरी समाज के उत्थान की अपनी भावी योजनाओं का खाका पेश किया जिनमे वर्किंग वुमन होस्टल, माहेश्वरी स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना और स्टार्टअप के लिए वेंचर कैपीटल फण्ड की स्थापना प्रमुख है।

पूर्व सभापति जोधराज लड्ढा की अनुपस्थिति में उनके पुत्र अरुण लड्ढा ने उनका लिखित संदेश पढा। पूर्व सभापति पद्मश्री बंसी लाल राठी और जोधराज जी लड्ढा दोनो ने बताया कि 28वें सत्र के चयन समिति की बैठक के दौरान यह निश्चित किया गया था कि 29वें सत्र में रामअवतार जाजू सभापति बनेंगे अगली ताकि 29वें सत्र के लिए चुनाव की नौबत नही आये और नए लोगों को काम करने का मौका मिले।

इसीलिए 28वें सत्र में रामअवतार जाजू ने अपना नाम वापिस ले लिया था। दोनो ने रामावतार जाजू को विजयी होने का आशीर्वाद दिया। श्याम जाजू ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजनीति में तो उल्टा पुल्टा चलता है पर समाज मे ऐसा नही होना चाहिए, बड़े दुख की बात है कि समाज मे यह कुरीति पनपने लगी है। माहेश्वरी समाज उदारवादी और प्रबुद्ध समाज है। कार्यसमिति की समाप्ति पर नए लोगों को काम करने का मौका देकर पुराने लोगों को नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हुए नई पीढ़ी को समाज की तरक्की के लिए तैयार करना चाहिए।

रामावतार जाजू ने कहा कि उनकी टीम सेवा संकल्प का ध्येय सबका साथ सबका विकास के साथ साथ सबका विश्वास है। उन्होंने एक नया सूत्र दिया कि समाज मे संगठन के ऊपर एक ऐसी टीम का गठन हो जो कि हमारे किये गए वादे पूरे ना करने की दशा में हमे भी बाहर का रास्ता दिखा सके। ऐसी टीम में पूरे भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व हो।

कार्यसमिति के सदस्यों के लिए खुला मंच, माहेश्वरी आवास योजना, संस्कारों का पुनर्जागरण, वेंचर कैपिटल फण्ड का निर्माण करना उनकी भावी योजनाओं में प्रमुख है। महिला संगठन और युवा संगठन की भरपूर ऊर्जा का इस्तेमाल करने का एक नया अंदाज भी उनके वक्तव्य में झलकता है कि महासभा योजनाए बनाये, फण्ड की व्यवस्था करे, मार्गदर्शन करें तथा कार्यान्वयन की पूरी जिम्मेदारी युवा एवं महिला शक्ति उठाये ताकि भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार हो सके।

श्याम सुंदर मंत्री ने कहा कि उनकी टीम पूरे 29 सूत्री कार्यक्रम को गारंटी से पूर्ण करेगी। कमल जी गांधी, कलकत्ता का कहना था कि नामदार और कामदार जैसे शब्द तो राजनीतिक हैं, उनका समाज मे इस्तेमाल क्यों। समाज तो जोड़ने के लिए होता है, तोड़ने के लिए नही। 28वें सत्र में महिला शक्ति के साथ हुए व्यवहार पर भी उन्होंने निराशा जाहिर की।

कल्पना गगरानी, राष्ट्रीय अध्यक्षा, महिला समिति ने पिछले सत्र में महिला समिति के साथ हुए दुर्व्यवहार तथा उनकी सभी योजनाओं में रोड़ा अटकाने की बात पर रोष व्यक्त किया। रामकुमार भूतड़ा, भूतपूर्व महामंत्री, ने चयन के नाम पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया और विश्वास व्यक्त किया कि रामावतार जाजू विजयी होंगे और समाज का सर्वांगीण विकास करेंगे।

जे एम बूब ने कहा कि वर्तमान में समाज में पद लोलुपता का आलम यह है कि लोग व्यक्तिगत आरोप लगाने में भी नही हिचकिचाते हैं। पद्मश्री बापू रामेश्वर लाल जी काबरा, जिनकी अध्यक्षता में यह सभा सम्पन्न हुई, के अभिभाषण में महासभा की वर्तमान स्थिति पर काफी रोष दिखा। उनका यह कहना कि चुनाव तो रेलगाड़ी की तरह है, आता है जाता है पर सामाजिक मर्यादा, आपसी सौहार्द, समाज की गरिमा किसी भी कीमत पर भंग नही होनी चाहिए। चयन होना चाहिए लेकिन पारदर्शिता के साथ।

28वें सत्र के चयन से आये सभी पदाधिकारियों का पुनः चुनाव में खड़े होना महासभा के इतिहास की दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। ऐसा होना उचित नही है। मार्मिक शब्दों में उन्होंने कहा कि पद से बड़ा कद होता है। पद कुछ समय साथ रहता है लेकिन कद जीवन पर्यंत आपके व्यक्तित्व का आईना होता है। रमेश बंग ने आंध्रप्रदेश के प्रादेशिक चुनाव का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार धांधली से चुनाव रद्द कर दिए गए।

किस प्रकार लिफाफे में सादा कागज डाल कर स्पीडपोस्ट भेज गया। आज जो चयन की बात कर रहे है वो खुद चुनाव लड चुके है।

इसके अतिरिक्त समाज के अनेक प्रबुद्ध वक्ताओं यथा अनिल मानधनी, प्रदीप बाहेती, विनोद अजमेरा,त्रिभुवन काबरा,रमाकांत बाल्दी, बाबू लाल मोहता,एस एन चांडक, गजानंद राठी, मदनलाल मालपानी, रविन्द्र राठी,रमेश मर्दा, गोपाल छापरवाल आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।माणक चंद काबरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन सुशील माहेश्वरी और शोभा सादानी ने से किया।

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