संसद का शीतकालीन सत्र, NRC समेत कुल 35 विधेयक होंगे पेश

नई दिल्ली: सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. 13 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र को लेकर रविवार को संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें सत्र को सकारात्मक बनाने और सार्थक चर्चा से चलाने का आह्वान किया गया. साथ ही सरकार ने संकेत दिए कि शीतकालीन सत्र में किन महत्वपूर्ण बिलों को पेश किया जा सकता है. इस सत्र में सरकार 35 विधेयक लाने वाली है. प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस सत्र में उनका लक्ष्य नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराना है.

हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा क्योंकि नागरिकता संशोधन विधेयक का सभी विपक्षी दल और मानवाधिकार कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं. इसके बावजूद माना जा रहा है कि सरकार विधेयक को पास कराने की पूरी कोशिश करेगी.

गौरतलब है कि बीते अगस्त में मानसून सत्र के दौरान सरकार ने विशेष विधेयक लाकर जम्मू-कश्मीर पर लागू अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था. विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक में प्रावधान है कि इच्छुक गैर मुस्लिम बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी भारतीय नागरिकता पा सकेंगे.

पहली बार सरकार ने 19 जुलाई 2016 को यह विधेयक पेश किया, जिसे अगस्त में संसदीय समिति को भेज दिया गया था. समिति ने जनवरी, 2019 में अपनी रिपोर्ट दी थी. कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी अपने स्टैंड पर कायम है और वह इस विधेयक के कानून बनने का विरोध करेगी क्योंकि इसमें धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है जो कि संविधान के खिलाफ है.

गौरतलब है कि बीते मानसून सत्र में 30 विधेयक पास हुए थे जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक सबसे अधिक है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस बार भी संसद कार्यवाही तेजी से होगी और मानसून सत्र के विधेयकों का रिकॉर्ड टूट सकता है.

ये अहम बिल आएंगे
कॉरपोरेट दर में कटौती संबंधी विधेयक
ई सिगरेट प्रतिबंध अध्यादेश पर विधेयक
किशोर न्याय (देखभाल और सुरक्षा) संशोधन विधेयक
निजी डाटा सुरक्षा विधेयक
वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण विधेयक
राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय विधेयक
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक

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