ज्योतिष

10 वें भाव पर किस ग्रह के प्रभाव से जातक किस कार्य व्यवसाय या किस क्षेत्र में नौकरी करके अपनी आजीविका चलाएगा

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) किसी भी प्रकार की समस्या के लिए सम्पर्क कर सकते हो, सम्पर्क सूत्र:- 9131366453

आज ज्योतिष द्वारा यह जानकारी प्राप्त करा रहे है। 10 वें भाव पर किस ग्रह के प्रभाव से जातक किस कार्य व्यवसाय या किस क्षेत्र में नौकरी करके अपनी आजीविका चलाएगा यह जातक के बचपन में मालूम पड़ जाता है।

मित्रों आज से विभिन्न लग्नों के जातकों के बारे में यह बताने का प्रयास किया जा रहा है की ये जातक किस कार्य व्यवसाय /नोकरी में आसानी से सफलता पा सकते हैं।
मित्रो, आज से सिंह लग्न से सम्बन्धित व्यवसाय तथा नोकरी के बारे में बताएँगे।

सिंह लग्न:- जिस जातक का जन्म सिंह लग्न में होता है , उसका कर्म भाव का स्वामी (दसवे भाव ) का स्वामी शुक्र होता है। तथा भाग्य भाव का स्वामी मंगल होता है। इसके साथ ही धन भाव तथा आय भाव का स्वामी बुध होता है। अतः यदि जातक शुक्र तथा बुध से सम्बंधित व्यवसाय करेगा तो खूब धन अर्जित करने में आसानी से सफल हो जाएगा। किन्तु यदि जातक शुक्र तथा बुध से सम्बन्धित कार्य व्यवसाय / नोकरी करेगा तो भाग्य कम साथ देगा। अतः जातक को खूब परिश्रम करना पड़ेगा।

सिंह लग्न के जातक को आसानी से सफलता दिलाने वाले कार्य व्यवसाय /नोकरी निम्नानुसार है।

(1) जिस जातक के 10 वें भाव या दशमेश शुक्र पर सूर्य का प्रभाव होतो, जातक बड़े और व्यवसायिक होटल, खाने के पदार्थ, ओषधि, रस, सोना – चांदी के आभूषणों , किराना सामग्री के विक्रेता, या आयात रयात के कामों से जातक आसानी से धन अर्जित करने में सफल हो जाता है।

(2) जिस जातक का जन्म सिंह लग्न में हुआ और 10 वें भाव तथा 10 वें भाव के स्वामी शुक्र पर शनि का युति अथवा द्रष्टि सम्बन्ध से प्रभाव होतो, जातक लोह, खनिज पदार्थ, रत्न, मोटर या अन्य वाहनों से सम्बन्धित कार्यों, फेंसी ड्रेस, वस्त्र उद्धोग आदि से सम्बन्धित कार्यों में आसानी से सफलता पाता है। यदि राहू केतू भी अनुकूल होतो, जातक को लाटरी, जुआ, सट्टा, काला धन , या शेयर बाज़ार में , ब्याज के धंधे में या राजनीति से आसानी से धन कमा कर सफलता पाता है। क्योंकि 10 वें भाव का स्वामी शुक्र शनि का प्रबल मित्र है।

(3) जिस जातक का जन्म सिंह लग्न में हो और बुध ओर् शुक्र यदि 1, 4, 5, 7, 9 अथवा 10 वें भाव में होतो, जातक साहित्य जगत से धन और ख्याति प्राप्त करता है। यदि साथ में सूर्य का भी 10 वें भाव पर प्रभाव होतो, जातक साहित्य के साथ साथ सरकार से भी धन लाभ प्राप्त करता है। यदि यह जातक नोकरी करेगा तो यह सेल टेक्स आफिसर, क्रय-विक्रय अधिकारी , आर.टी. ओ. अधिकारी , जज, सी. एम्. ओ. आदि प्रसाशनिक अधिकारी बनता है।

(4) जिस जातक का जन्म सिंह लग्न में होता है और गुरु लग्न प्रथम भाव में, चतुर्थ भाव में , अथवा दसम भाव में होतो, जातक शिक्षा से सम्बन्धित कार्यों में उच्च स्तरीय सफलताएँ पाता है। यह जातक नाम तो बहुत कमाता है किन्तु धन के मामलों में कमजोर होता है किन्तु फिर भी संपन्न हो जाता है।

(5) यदि चंद्रमा चतुर्थ भाव में हो, तो यदि जातक स्त्रीयों को सुख देने वाले पदार्थों यथा कास्मेटिक, अधोवस्त्र, शेम्पू, आ अन्य ओषधि, वस्त्राभूष्ण, कोंचिंग या अन्य कार्यों में आसानी से धन कमा सकता है। किन्तु साथ में व्यवसायिक संघर्ष भी करना पड़ता है।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

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