कोरोना काल में हुई मौतों से प्रभावित महिला ने खुद का कराया नकली अंतिम संस्कार

अपने फेक अंतिम संस्कार के लिए खर्च कर डाले 75 हजार रूपए तक

चिली: अलोंजो सैंटियागो शहर में रहने वाली एक 59 साल की मायरा ने 710 पाउंड्स यानि लगभग 75 हजार रूपए खर्च कर अपना खुद का एक नकली अंतिम संस्कार कर लिया. कोरोना काल में हुई मौतों से इतनी ज्यादा प्रभावित चिली में एक महिला ने अपने सभी दोस्तों को बुलाया और उन्हें अपने प्लान के बारे में भी बताया.

मायरा पिछले कुछ महीनों से कोरोना के चलते हुई मौतों को देख-देखकर अपने अंतिम संस्कार के बारे में काफी सोचने लगी थीं. इसके बाद उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए रिहर्सल करने की सोची. इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों को इस अजीबोगरीब काम के लिए मनाया.

डोमिनिशियन न्यूज साइट लिस्टिन डायरियो के मुताबिक, मायरा इस दौरान सफेद ताबूत में कुछ घंटों के लिए लेटी रहीं. उन्होंने इस ताबूत को एक दिन के लिए किराए पर लिया था. इसके अलावा वहां मौजूद उनके परिवार और दोस्तों ने नकली आंसू बहाए और कई लोग इस दौरान तस्वीरें भी ले रहे थे.

उन्होंने इस मौके पर सफेद ड्रेस पहनी थी और एक फूलों का क्राउन पहना हुआ था. इसके अलावा उन्होंने अपने नाक में रुई भी लगाई हुई थी जैसा कि आमतौर पर मृत लोगों के अंतिम संस्कार के समय लगाई जाती है. उन्होंने वो तमाम इंतजाम किए हुए थे जो आमतौर पर एक मुर्दाघर में एक लाश को लेकर किए जाते हैं.

मायरा ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि ये उनके लिए सपने सरीखा था. उन्होंने दावा किया कि अब मरने के बाद उन्हें किसी तरीके के अंतिम संस्कार की जरूरत नहीं है क्योंकि अब उन्होंने अपनी जिंदगी में सब कुछ देख लिया है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में होती मौतों से प्रभावित होकर उन्होंने ये फैसला किया था.

वही मायरा के इस कदम की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. कुछ लोगों ने मायरा के इस कदम की काफी आलोचना की है और कहा है कि वे अपने इस पब्लिसिटी स्टंट के सहारे कोरोना वायरस से मरे लोगों का मजाक उड़ा रही हैं और झूठे अंतिम संस्कार और नकली ताबूत के सहारे असंवेदनशीलता का सबूत दे रही हैं.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button