स्व-सहायता समूह बनाकर जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं महिलाएं

स्व-सहायता समूह बनाकर जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं महिलाएं

रायपुर: कोरबा जिले के पंडरीपानी पंचायत की महिला स्व-सहायता समूह जरूरतमंदों को बहुत कम ब्याज पर कर्ज देती है। आपसी सहयोग और बचत के उद्देश्य से गठित इस स्व-सहायता समूह ने गांव के लोगों की आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। पिछले दस सालों से महिलाएं इसी तरह जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं।

समूह द्वारा दिए गए ऋण से जहां ग्रामीणों के अटके काम पूरे हो जाते हैं, वहीं कम ब्याज के कारण उन पर ज्यादा आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता। महिलाओं के इस समूह को प्रधानमंत्री मुद्रा कोष से ढाई लाख रूपए का ऋण भी मिला है।

हमर छत्तीसगढ़ योजना में अध्ययन भ्रमण पर राजधानी रायपुर आईं कोरबा जिले के पंडरीपानी पंचायत की युवा पंच सुश्री राजकुंवर पटेल बताती हैं कि गांव की महिलाओं ने छोटी–छोटी बचत के साथ शुरुआत कर उन लोगों की मदद की जिन्हें उधार के रूप में कम रकम की जरूरत होती है।

महिलाओं ने ब्याज उतना ही रखा, जिससे समूह की जमा पूंजी बढ़े और उधार लेने वाले पर भी ज्यादा बोझ न पड़े। वे बताती हैं कि उनके समूह को प्रधानमंत्री मुद्रा कोष से ढाई लाख रूपए का ऋण भी मिला है। इसकी किश्त समय पर जमा हो रही है।

पंडरीपानी की पंच सुश्री राजकुंवर पटेल बताती हैं कि शुरू में समूह का गठन करने में परेशानियां आईं। अपनी इस पहल के बारे में बड़े–बुजुर्गों को समझाना और परिवार के सदस्यों को विश्वास में लेने के साथ ही गांव की अन्य महिलाओं को समूह बनाने के लिए राजी करना जरूरी था।

परिवार के लोग भी शुरू में हमारी सफलता को लेकर संशकित थे। लेकिन अब वे भी समूह को लगातार आगे बढ़ते देख संतुष्ट और खुश हैं।

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