छत्तीसगढ़

शासकीय अस्पताल में खून जांच कराने घंटों खड़ी रहती है महिलाएं

भिलाई : सुपेला स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्था की वजह से मरीजों को दिक्कत हो रही है। गर्भवतियों कंो यहां खून जांच लिए घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। भीड़ इतनी रहती है कि खड़ा होने के लिए जगह नहीं रहती। इसका प्रमुख कारण अस्पताल के लैब का समय पर न खुलना है। सुपेला अस्पताल के इंचार्ज डॉ. बीपी तिवारी ने बताया कि इस संबंध में 9 अक्टूबर को पूरे कर्मचारियों से बात हुई थी । लैब सहित अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि वे समय पर अस्पताल पहुंचकर काम शुरू करें। विलंब से आने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शास्त्री अस्पताल में खून जांच के अलावा अन्य जांच की व्यवस्था है। अस्पताल का ओपीडी सुबह 8 बजे खुल जाता है। इसी के अनुसार सभी प्रकार के मरीज स्वास्थ्य जांच कराने अस्पताल पहुंच जाते हैं, लेकिन लैब 8 बजे नहीं बल्कि 2 घंटे देरी से 10 बजे खुलता है। लैब के देरी से खुलने के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लैब खुलने के बाद उन्हें डाक्टरों से स्वास्थ्य की जांच कराने फिर मशक्कत करनी पड़ती है। इसमें ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है।

खाली पेट खड़ी रहती हैं घंटों कतार में : गर्भवती महिलाएं जब जांच कराने आती हैं तो उन्हें डॉक्टर खाली पेट ही अस्पताल बुलाते हैं। कई प्रकार के स्वास्थ्य जांच खाली पेट ही होता है। महिलाएं खाली पेट आती हैं लेकिन यहां उन्हें अव्यवस्था के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। पहले चेकअप कराने भीड़ में लाईन लगाना पड़ता है। फिर जांच होने के बाद लैब में टेस्ट कराने घंटों खड़ा रहना पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं को हर माह स्वास्थ्य जांच कराना पड़ता है। करीब 10 प्रकार का खून जांच होता है, इसके अलावा और भी जांच होते है। जैसे ब्लडप्रेशर, शुगर, वजन, मलेरिया, एचआईवी, सिकलिन, सोनोग्राफी आदि जांच नियमित कराना पड़ता है। गरीब व सामान्य वर्ग के लिए सुपेला के शास्त्री अस्पताल के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।
सुपेला अस्पताल के इंचार्ज डॉ. बीपी तिवारी ने बताया कि इस संबंध में 9 अक्टूबर को पूरे कर्मचारियों से बात हुई थी । लैब सहित अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि वे समय पर अस्पताल पहुंचकर काम शुरू करें। विलंब से आने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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