सबरीमाला मंदिर में जा सकेंगी हर उम्र की महिलाएं : सुप्रीम कोर्ट

सीजेआई दीपक मिश्रा ने कहा कि धर्म में सब बराबर होते हैं

नई दिल्ली :

केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाअों के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मंदिर मे महिलाओं की एंट्री पर लगी रोक को हटा दिया है ।

सुप्रीम कोर्ट ने 4-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि मंदिर में हर उम्र की महिलाएं जा सकेंगी। सीजेआई दीपक मिश्रा ने कहा कि धर्म में सब बराबर होते हैं।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की पीठ ने एक अगस्त इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था।

बता दें कि कोर्ट के फैसले से पहले सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की मंदिर के अंदर एंट्री नहीं थी। इसको लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था।

मंदिर प्रबंधन का महिलाओं के प्रतिबंध पर तर्क था कि 10 से 50 साल की उम्र तक की महिलाओं के प्रवेश पर इसलिए बैन लगाया गया है क्योंकि मासिक धर्म के समय वे शुद्धता बनाए नहीं रख सकतीं। वैसे भी मासिक धर्म के समय महिलाओं का धार्मिक कर्मकांठ के समय दूरी बनाए रखने की पंरपरा काफी समय से चली आ रही है।

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