छत्तीसगढ़

महिला आरोग्य समिति स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के प्रति किया गया जागरूक

राजशेखर नायर:

नगरी: कोरोना संक्रमण काल के दौरान वार्ड 22 की महिला आरोग्य समिति स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम ने मिलकर डेंगू से बचाव को लेकर पूरे वार्ड में जागरुकता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान टीम द्वारा घर घर जाकर डेंगू के मच्छर पैदा होने वाले पानी के बर्तनों को खाली करवाया गया और मिट्टी का तेल डाला गया । इसके साथ ही वार्ड में जहां जहां साफ पानी जमा था उसको भी निकाला गया । इस दौरान स्वास्थ्य विभाग नगर निगम और महिला आरोग्य समिति के सदस्यों ने लोगों को डेंगू के खतरे के बारे में जागरुक किया ।

इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग इस बार सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक कर रहा है । इसके लिए विभाग सोशल मीडिया, फेसबुक, वाट्सएप आदि माध्यमों का भी सहारा भी ले रहा है ।

संयुक्त टीम द्वारा किए गए जागरूकता अभियान की जानकारी देते हुए डॉ. अंजना लाल ने बताया कि डेंगू मुख्यत: तीन प्रकार के होते हैं। साधारण डेंगू, डेंगू हैमरेजिक बुखार एवं डेंगू शॉक सिड्रोम। अधिकांश को साधारण डेंगू ही होता है जो कुछ परहेज करने से ठीक हो जाता है। डेंगू हैमरेजिक बुखार एवं डेंगू शॉक सिड्रोम गंभीर श्रेणी मे आते हैं। यदि इनका शीघ्र इलाज शुरू नहीं किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू हैमरेजिक बुखार एवं डेंगू शॉक सिड्रोम में मरीजों के उपचार के लिए रक्तचाप एवं शरीर में खून के स्त्राव का निरीक्षण करना जरुरी होता है।

उन्होंने बताया कि डेंगू का असर शरीर में 3 से 9 दिनों तक रहता है। इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगती है। वहीं चिकनगुनिया का असर शरीर में 3 माह तक रहता है। गंभीर स्थिति में यह 6 माह तक रह सकती है। डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण तकरीबन एक जैसे ही होते हैं। इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। डेंगू ऐडीज नामक मच्छर के काटने से होता है । यह मच्छर साफ पानी में पनपता है जो ज्यादातर दिन में ही काटता है डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए ताकि समय पर डेंगू का इलाज किया जा सके ।

शहरी कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती ज्योत्सना ग्वाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नगर निगम और महिला आरोग्य समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर डेंगू के फैलने से रोकने के उपायों को बताया है लोगों को डेंगू के बारे में सही जानकारी न होने के कारण डेंगू शब्द ही एक डर का पर्याय बन जाता है अगर इस विषय पर लोगों को पूरी जानकारी दी जाए तो लोगों के मन से डेंगू का भय खत्म हो सकता है । उन्होंने कहा कि वाटर कूलर में जमा पानी छतों पर रखे गमले छत पर रुका बरसात का साफ पानी के साथ-साथ अपने आसपास सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए |

डेंगू के लक्षण

आंख के पीछे तेज दर्द होना, सर में अत्याधिक दर्द होना, 3 से 7 दिन तक लगातार बुखार रहना, पैरों के जोड़ों मे दर्द होना,चक्कर एवं उल्टी होना,शरीर पर लाल धब्बे होना, कुछ मामलों में आंतरिक एवं बाह्य रक्त स्त्राव होना डेंगू के लक्ष्ण में शामिल है। डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

ऐसे करें डेंगू से बचाव

वाटर कूलर या नल के पास पानी जमा ना होने दें,आस-पास साफ-सफाई रखें एवं घर में पानी जमा होने ना दें, कूलर एवं गमले का पानी रोज बदलें।,दिन में मच्छर भगाने की दवा , क्रीम का इस्तेमाल दिन में करें, और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, बच्चों को पूरी आस्तीन की कमीज एवं फुल पैंट पहनाना, घर के गमलों एवं टायरों मे पानी जमने ना दें । कमरों की साफ-सफाई के साथ उसे हवादार रखें, जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें। जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल डाला गया।

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